एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह भारतीय वायुसेना की वर्दी में, हाथ हिलाते हुए; पीछे भारतीय वायुसेना का लड़ाकू विमान और प्रतीक चिह्न।

42 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने सौंपी भारतीय वायुसेना की कमान

अपडेट: रविवार, 1 नवंबर 2026, सुबह 2:35 बजे IST
लेखक: Team of Boldvoices

भारतीय वायुसेना के इतिहास में 31 अक्टूबर 2026 एक महत्वपूर्ण दिन के रूप में दर्ज हो गया। एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने 42 वर्षों की गौरवशाली सैन्य सेवा के बाद Chief of the Air Staff के पद से अपना कार्यकाल पूरा किया और भारतीय वायुसेना की कमान एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित को सौंप दी। आशुतोष दीक्षित ने भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाली है।

यह केवल नेतृत्व में बदलाव नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना की एक महत्वपूर्ण पीढ़ीगत जिम्मेदारी का हस्तांतरण है। ए.पी. सिंह ने ऐसे समय में वायुसेना का नेतृत्व किया, जब भारत की हवाई सुरक्षा, आधुनिक युद्धक क्षमताओं, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और सैन्य तैयारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण बदलाव हो रहे थे।

42 वर्षों का अनुशासित और गौरवशाली सफर

एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह को 21 दिसंबर 1984 को भारतीय वायुसेना की Fighter Stream में कमीशन मिला था। इसके बाद उन्होंने विभिन्न परिचालन, कमान और वरिष्ठ नेतृत्व संबंधी जिम्मेदारियां निभाईं।

30 सितंबर 2024 को उन्होंने Chief of the Air Staff का पद संभाला। उनके नेतृत्व में वायुसेना की परिचालन तैयारियों, आधुनिक युद्धक क्षमताओं और भविष्य की जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया गया।

उनका कार्यकाल ऐसे दौर में रहा, जब भारतीय वायुसेना के सामने Fighter Squadron की संख्या, आधुनिक विमानों की उपलब्धता, रखरखाव, स्वदेशी तकनीक और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे थे।

Operation Sindoor के दौरान वायुसेना का नेतृत्व

एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह के कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में मई 2025 का Operation Sindoor शामिल रहा। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 7 मई 2025 को Operation Sindoor शुरू किया। इस अभियान ने भारतीय सैन्य क्षमताओं, हवाई सुरक्षा और तीनों सेनाओं के बीच समन्वय के महत्व को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया।

इस अवधि में भारतीय वायुसेना की भूमिका और उसकी परिचालन तैयारियों पर विशेष ध्यान रहा। आधुनिक युद्ध में निगरानी, सटीक कार्रवाई, Integrated Air Defence, तेज निर्णय क्षमता और विभिन्न सैन्य प्रणालियों के बीच समन्वय कितना महत्वपूर्ण है, यह भी सामने आया।

ए.पी. सिंह ने अपने सार्वजनिक वक्तव्यों में वायुसेना की क्षमताओं को मजबूत करने और स्वदेशी रक्षा तकनीक को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विमान निर्माण और रक्षा परियोजनाओं में होने वाली देरी जैसे मुद्दों पर भी स्पष्ट विचार रखे।

आशुतोष दीक्षित बने भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख

भारत सरकार ने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायुसेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया था। उन्होंने 31 अक्टूबर 2026 की दोपहर से एयर चीफ मार्शल के पद और 29वें Chief of the Air Staff के रूप में जिम्मेदारी संभाली।

आशुतोष दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की Fighter Stream में कमीशन मिला था। उनके पास 3,500 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने Mirage-2000, MiG श्रृंखला के विमान, Kiran, Jaguar, IL-78, Hawk और Tejas जैसे विमानों पर उड़ान भरी है।

वायुसेना प्रमुख बनने से पहले वे Vice Chief of the Air Staff के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले वे Chief of Integrated Defence Staff to the Chairman, Chiefs of Staff Committee और Central Air Command के Air Officer Commanding-in-Chief जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

वे एक Experimental Test Pilot और Qualified Flying Instructor भी हैं। स्वदेशी लड़ाकू विमान Tejas सहित विभिन्न विमान कार्यक्रमों का उनका अनुभव भारतीय रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भरता के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

नए वायुसेना प्रमुख के सामने बड़ी जिम्मेदारियां

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ऐसे समय में कमान संभाल रहे हैं, जब भारतीय वायुसेना के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं।

सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में आधुनिक लड़ाकू विमानों की उपलब्धता बढ़ाना, मौजूदा विमानों का बेहतर रखरखाव, वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करना और स्वदेशी रक्षा तकनीक को तेजी से विकसित करना शामिल है।

इसके साथ ही Unmanned Aerial Systems, आधुनिक Sensors, Network-Centric Warfare, निगरानी प्रणाली और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल भविष्य की सैन्य रणनीति में अहम भूमिका निभाएंगे।

भारत के रक्षा उद्योग की क्षमता और समय पर आधुनिक विमान तथा उपकरण उपलब्ध कराने की योग्यता भी वायुसेना की भविष्य की ताकत तय करने में महत्वपूर्ण होगी।

एक अध्याय पूरा, सेवा का संकल्प जारी

एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह की 42 वर्षों की सेवा भारतीय वायुसेना के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने अपने लंबे सैन्य जीवन में विमानन तकनीक, परिचालन रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में आए अनेक बदलावों को करीब से देखा और उनका हिस्सा बने।

उनके कार्यकाल में Operation Sindoor जैसी महत्वपूर्ण सैन्य घटना भी हुई। अब यह जिम्मेदारी एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित के कंधों पर है।

भारतीय वायुसेना की परंपरा में नेतृत्व बदलता है, लेकिन राष्ट्र की सुरक्षा और आकाश की रक्षा का दायित्व निरंतर जारी रहता है।

42 वर्षों की वर्दीधारी सेवा के बाद ए.पी. सिंह एक गौरवशाली अध्याय पीछे छोड़ रहे हैं। अब भारतीय वायुसेना की कमान नए नेतृत्व के साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए आगे बढ़ रही है।

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Curated by KS Randhawa, Ludhiana Punjab

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