✍️ Curated by the team of Boldvoices.in 📅 दिनांक: 6 मई 2025

📰 मुख्य खबर:
सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार अपने 33 में से 21 मौजूदा जजों की संपत्ति का विवरण अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक किया है। यह कदम न्यायपालिका में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
🧾 कौन-कौन से जजों ने संपत्ति घोषित की?
Source : https://www.sci.gov.in/assets-of-judges/
- सीजेआई संजीव खन्ना के पास है इतनी संपत्ति : सीजेआई संजीव खन्ना के पास बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट में 55.7 लाख रुपये हैं और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में 1.06 करोड़ रुपये और जीपीएफ में 1.77 करोड़ रुपये जमा हैं। इसके अलावा 250 ग्राम सोना और 5 किलो चांदी भी है। उनके पास दिल्ली के एक साउथ दिल्ली इलाके में तीन बेडरूम का फ्लैट, कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज में चार बेडरूम का फ्लैट और गुरुग्राम में एक अपार्टमेंट में 56% हिस्सेदारी है।
- अगले मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई की संपत्ति : जस्टिस बीआर गवई 14 मई को भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश बनने वाले हैं, उन्होंने महाराष्ट्र के अमरावती में अपने पिता से विरासत में मिला घर घोषित किया है। उनके पास मुंबई के बांद्रा इलाके और दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी में फ्लैट हैं, साथ ही अमरावती और नागपुर जिलों में कृषि भूमि भी है। उन्होंने लगभग 1.3 करोड़ रुपये की देनदारियां भी घोषित की हैं।
- जस्टिस सूर्यकांत के पास 6 करोड़ की एफडी :जस्टिस सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट में तीसरे सबसे वरिष्ठ जज हैं। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ चंडीगढ़, पंचकूला, दिल्ली और गुरुग्राम में आवासीय संपत्तियां घोषित की हैं। उन्होंने 6.03 करोड़ रुपये की 31 फिक्स्ड डिपॉजिट रसीदें भी अपने निवेश के रूप में दर्ज की हैं। 3.74 करोड़ जीपीएफ है। 100 ग्राम सोना और 3 महंगी घड़ियां हैं। इसके अलावा उनके पास एक किलो सोना और 6 किलो चांदी भी है।
- जस्टिस ओका की संपत्ति : जस्टिस अभय ओका ने ठाणे में अपनी पत्नी के साथ एक फ्लैट, और पंचपाखड़ी क्षेत्र में एक अन्य परिसर की जानकारी दी है। उनके पास पीपीएफ में 92.3 लाख, एफडी में 21.7 लाख और बैंक खाते में 9.1 लाख रुपये हैं।
- जस्टिस विक्रम नाथ के पास नोएडा में दो बेडरूम का अपार्टमेंट है, साथ ही प्रयागराज में पुश्तैनी बंगला और कौशांबी जिले में 12 एकड़ से अधिक कृषि भूमि है। उन्होंने 1.5 करोड़ रुपये का निवेश भी घोषित किया है।
📜 पारदर्शिता के लिए उठाया गया कदम
यह निर्णय 1 अप्रैल 2025 को हुई फुल कोर्ट बैठक में लिया गया, जिसमें सभी जजों ने सर्वसम्मति से अपनी संपत्ति सार्वजनिक करने का संकल्प लिया। इससे पहले, जजों को अपनी संपत्ति का विवरण केवल मुख्य न्यायाधीश को देना होता था, लेकिन अब यह जानकारी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कराई जा रही है।
🏛️ नियुक्ति प्रक्रिया भी हुई सार्वजनिक
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति प्रक्रिया, कोलेजियम की सिफारिशें, राज्य और केंद्र सरकारों की भूमिका, और नियुक्तियों की पूरी जानकारी भी सार्वजनिक रूप से साझा की है।
🔍 निष्कर्ष
सुप्रीम कोर्ट का यह कदम न्यायपालिका में पारदर्शिता और जनता के विश्वास को बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और साहसिक पहल है। यह निर्णय न्यायपालिका की जवाबदेही को सुनिश्चित करने में सहायक होगा।











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