लेखक: Team of Boldvoices, दिनांक: 05 मई 2025


कनाडा के टोरंटो शहर में स्थित मालटन गुरुद्वारे के बाहर खालिस्तानी समर्थकों ने एक विवादास्पद परेड का आयोजन किया, जिसमें हिंदू समुदाय के खिलाफ नारेबाजी की गई और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के पुतलों को पिंजरे में बंद कर प्रदर्शन किया गया।


परेड में क्या हुआ?

  • परेड में एक बड़े ट्रक पर जेल की तरह का ढांचा बनाया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और एस. जयशंकर के पुतले हाथकड़ी और पिंजरे में दिखाए गए।
  • प्रदर्शनकारियों ने कनाडा में रहने वाले 8 लाख हिंदुओं को भारत वापस भेजने की मांग की।
  • इस परेड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें प्रदर्शनकारियों द्वारा हिंदू समुदाय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए देखा जा सकता है।

समुदाय की प्रतिक्रिया

  • कनाडा में हिंदू समुदाय के नेताओं ने इस परेड की कड़ी निंदा की है और इसे “खालिस्तानी आतंकवादी समूह द्वारा हिंदू विरोधी घृणा” करार दिया है।
  • “Coalition of Hindus of North America” ने इसे “शर्मनाक दिन” बताया और कनाडा की सरकार से ऐसे घृणास्पद प्रदर्शनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

पृष्ठभूमि और चिंता

  • यह परेड कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के चुनाव जीतने के कुछ ही दिनों बाद हुई है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या उनकी सरकार खालिस्तानी चरमपंथ के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगी।
  • हाल ही में कनाडा में एक गुरुद्वारा और एक हिंदू मंदिर पर खालिस्तान समर्थक ग्राफिटी के साथ तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं, जो इस तरह की गतिविधियों की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती हैं।

निष्कर्ष

टोरंटो में आयोजित इस परेड ने कनाडा में हिंदू समुदाय की सुरक्षा और सामाजिक समरसता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपेक्षा की जा रही है कि वे कनाडा सरकार पर दबाव डालें ताकि ऐसे घृणास्पद और विभाजनकारी प्रदर्शनों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें।


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