April 23 , 2025 | New Delhi | Curated by the team of Boldvoices.in

सहज अवस्था वह स्थिति है जिसमें मन शांत होता है, विचार प्रवाह थम जाते हैं, और व्यक्ति पूरी तरह वर्तमान क्षण में स्थिर होता है। इसमें कोई संघर्ष नहीं होता, न भीतर और न ही बाहर। इसे आत्मा की मौलिक अवस्था या “स्वाभाविक स्थिति” भी कहा जाता है। यह अवस्था:
- चिंता और तनाव से मुक्त होती है
- विचारों की भीड़ से परे होती है
- गहन शांति और संतोष से भरी होती है
- स्व और ब्रह्म के मिलन का अनुभव भी करा सकती है
🧘♂️ सहज अवस्था प्राप्त करने के प्रमुख उपाय
1. ध्यान (Meditation)
- विधि: रोज़ कम से कम 10-20 मिनट ध्यान करें। किसी शांत स्थान पर बैठकर अपनी श्वास पर ध्यान केंद्रित करें।
- लाभ: विचार कम होते हैं, मन स्थिर होता है और अंततः सहज अवस्था प्रकट होती है।
2. सहज योग (Sahaja Yoga)
- इसमें आत्म-साक्षात्कार (Self-realization) के बाद सहज अवस्था स्वाभाविक रूप से अनुभव की जाती है।
3. स्वीकृति (Acceptance)
- जो कुछ हो रहा है उसे बिना विरोध के स्वीकार करना — यह “सहजता” की ओर पहला कदम है।
- जीवन में चीज़ों को जैसा है वैसा देखने और मानने से भीतर संघर्ष कम होता है।
4. प्राकृतिक जीवन शैली
- प्रकृति के साथ समय बिताना, प्रकृति के अनुसार जीवन जीना — जैसे सूर्योदय से पहले उठना, सादा भोजन करना, डिजिटल डिटॉक्स आदि।
- इससे शरीर और मन, दोनों में संतुलन आता है।
5. कर्तव्य में लीनता (Karma Yoga)
- फल की चिंता किए बिना अपने कर्म करते रहना। इससे अहंकार कम होता है और मन सरल बनता है।
6. सत्संग और स्वाध्याय
- संतों की संगति, भगवद्गीता, उपनिषद, या ध्यान-संबंधी ग्रंथों का अध्ययन आत्मज्ञान और सहजता की दिशा में मदद करते हैं।

🪔 सहज अवस्था के संकेत (Symptoms of Sahaj Avastha)
- विचारों की गति धीमी या समाप्त हो जाती है
- शारीरिक और मानसिक हलकापन महसूस होता है
- समय का बोध कम हो जाता है
- आनंद और प्रेम की भावना आती है
- कोई भी परिस्थिति हो, मन शांत बना रहता है
🧡 एक सरल प्रयोग — “सहज क्षण” का अभ्यास
हर दिन 2-3 बार बस 1 मिनट के लिए:
- आँखें बंद करें
- गहरी साँस लें
- अपने भीतर शांति महसूस करें — कोई प्रयास न करें
- जैसे हैं, वैसे ही रहें… और उस मौन को महसूस करें
ये छोटे-छोटे क्षण ही धीरे-धीरे एक बड़े सहज अनुभव में बदल सकते हैं।











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