पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हैं। इस संवेदनशील माहौल के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान की सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है।
📸 यूसुफ पठान की इंस्टाग्राम पोस्ट
12 अप्रैल को यूसुफ पठान ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह सफेद शर्ट और ट्राउजर में बैठकर चाय की चुस्कियां लेते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा:
“आरामदेह दोपहर, अच्छी चाय और शांत वातावरण। बस इस पल का आनंद ले रहा हूं।”
🔥 विपक्ष का हमला
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ताओं और नेताओं ने यूसुफ पठान की पोस्ट को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि जब बंगाल में हालात जल रहे हैं और लोग मारे जा रहे हैं, तब एक निर्वाचित सांसद “आराम” और “चाय” में व्यस्त हैं।
कुछ भाजपा नेताओं ने यूसुफ पठान की तुलना नीरो से की — वह रोम जलने के दौरान बंसी बजा रहा था।
📍 क्या हिंसा यूसुफ पठान के निर्वाचन क्षेत्र में हुई?
यूसुफ पठान पश्चिम बंगाल की बहरामपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं। हालांकि, मुर्शिदाबाद जिले में हुई हिंसा उनके निर्वाचन क्षेत्र से लगभग 80 किलोमीटर दूर हुई थी। बावजूद इसके, विपक्ष का आरोप है कि जब राज्य में तनाव फैला हुआ था, तब एक जिम्मेदार सांसद को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी।
⚖️ कानूनी कार्रवाई और हाईकोर्ट का रुख
हिंसा के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने तत्काल केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती का आदेश दिया है।
अब तक 12 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
🔚 निष्कर्ष
यूसुफ पठान की एक साधारण सी पोस्ट ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। एक तरफ विपक्ष इसे असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना बता रहा है, वहीं टीएमसी समर्थक इस पोस्ट को निजी पल की अभिव्यक्ति कह रहे हैं।
यह विवाद आने वाले लोकसभा चुनावों के माहौल में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।
Curated by KSR, Editor at http://www.boldvoices.in













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