गौरीकुंड में हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, सात लोगों की मौत
15 जून 2025 | उत्तराखंड लेखक: Curated by the team of Boldvoices.in

उत्तराखंड की पावन धरा आज सुबह एक हृदयविदारक दुर्घटना की गवाह बनी। बाबा केदारनाथ से श्रद्धालुओं को लेकर गुप्तकाशी लौट रहा एक निजी हेलिकॉप्टर आज सुबह लगभग 11:40 बजे गौरीकुंड के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में हेलिकॉप्टर में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
✦ क्या हुआ हादसे में?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हेलिकॉप्टर आर्यन एविएशन कंपनी का था, जो बाबा केदारनाथ के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं को लेकर गुप्तकाशी आ रहा था। अचानक मौसम बिगड़ने और अत्यधिक धुंध के चलते हेलिकॉप्टर का संतुलन बिगड़ गया और वह गौरीकुंड के जंगलों में जाकर गिर पड़ा।
✦ मृतकों में कौन-कौन शामिल?
हेलिकॉप्टर में एक पायलट समेत कुल सात लोग सवार थे। सभी की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। मृतकों में छह यात्री और एक पायलट शामिल हैं।
— पायलट का नाम: कैप्टन अनिल सिंह
— श्रद्धालु: सभी यात्री उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से आए हुए थे, जिनमें से अधिकतर दिल्ली और राजस्थान के बताए जा रहे हैं। पहचान की प्रक्रिया जारी है।
✦ रेस्क्यू ऑपरेशन
स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ, SDRF और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंची। दुर्घटनास्थल दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में होने के कारण राहत एवं बचाव कार्यों में कठिनाई आई, लेकिन हेलिकॉप्टर का मलबा जल्द ही खोज लिया गया। सभी शवों को गौरीकुंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है और पोस्टमॉर्टम के बाद उन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा।
✦ मौसम ने बढ़ाई मुश्किलें
हादसे के समय क्षेत्र में तेज हवा, घना कोहरा और बारिश हो रही थी। केदारनाथ यात्रा के दौरान अक्सर मौसम अचानक बदल जाता है, जो हेलिकॉप्टर सेवाओं के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। इसी कारण विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम ही इस दुर्घटना का प्रमुख कारण रहा होगा।
✦ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान
मुख्यमंत्री धामी ने हादसे पर गहरा शोक जताया और मृतकों के परिजनों को ₹15 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की। साथ ही दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
“यह बेहद दुखद घटना है। हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। हम हादसे की विस्तृत जांच कराएंगे और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।” – मुख्यमंत्री धामी
✦ पायलट की बहादुरी की चर्चा
स्थानीय लोगों का कहना है कि पायलट ने आखिरी क्षण तक हेलिकॉप्टर को भीड़भाड़ वाले क्षेत्र से दूर रखने की कोशिश की, जिससे और बड़ा नुकसान टल गया। पायलट की यह कोशिश सराहनीय मानी जा रही है।
✦ पिछले वर्षों में भी हुए हैं हादसे
यह कोई पहली बार नहीं है जब केदारनाथ यात्रा के दौरान हेलिकॉप्टर दुर्घटना हुई हो। बीते वर्षों में भी खराब मौसम और तकनीकी खराबी के चलते कई बार हेलिकॉप्टर सेवाओं में व्यवधान आया है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या दुर्गम क्षेत्रों में उड़ानों के लिए सुरक्षा मानकों की कड़ाई से समीक्षा की जानी चाहिए?
Boldvoices.in की अपील:
हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए आते हैं। इस यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार, प्रशासन और सेवा प्रदाताओं को सामूहिक रूप से ज़िम्मेदारी निभानी होगी। श्रद्धा के पथ पर सुरक्षा की उपेक्षा न हो — यही हमारी संवेदना और श्रद्धांजलि है उन सात अमूल्य जिंदगियों को।
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