
नई दिल्ली, 23 मई – भारत की कूटनीतिक मुहिम को बड़ी सफलता मिली है। जापान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के रुख का खुला समर्थन करते हुए साफ कहा है कि वे भारत के साथ खड़े हैं, खासकर पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ।
क्या कहा जापान और यूएई ने?
हाल ही में नई दिल्ली में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान जापान और यूएई के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता, और उन्होंने उन देशों पर भी सवाल उठाए जो आतंकियों को पनाह या समर्थन देते हैं।
जापान के विदेश उपमंत्री ने साफ शब्दों में कहा:
“भारत जिस तरीके से वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठा रहा है, हम उसका समर्थन करते हैं। आतंकवाद को पालने वाले देशों को दुनिया से अलग-थलग करना ज़रूरी है।”
वहीं, यूएई के प्रतिनिधि ने भी भारत की सराहना करते हुए कहा कि “भारत की सुरक्षा चिंताएं बिल्कुल जायज़ हैं और हम उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।”
पाकिस्तान पर परोक्ष हमला
हालांकि किसी भी देश का नाम सीधे नहीं लिया गया, लेकिन बातचीत के संदर्भ और भारत की लगातार कोशिशों को देखते हुए यह साफ है कि इशारा पाकिस्तान की ओर था, जिसे भारत लंबे समय से आतंकवाद को समर्थन देने वाला देश बताता रहा है।
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में संयुक्त राष्ट्र और दूसरे मंचों पर पाकिस्तान का नाम लेकर कई बार यह बात उठाई है कि वहां से आतंकी गतिविधियों को संरक्षण मिलता है — खासकर जम्मू-कश्मीर और सीमावर्ती क्षेत्रों में।
भारत की कूटनीतिक सफलता
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, भारत लंबे समय से कोशिश कर रहा है कि दुनिया के ताकतवर देश आतंकवाद पर दोहरा रवैया न अपनाएं और खुले तौर पर भारत की बात का समर्थन करें। अब जापान और यूएई जैसे देशों का समर्थन इस दिशा में एक बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है।
क्या बोले भारतीय अधिकारी?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा:
“हम अपने सहयोगी देशों के इस समर्थन का स्वागत करते हैं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरे विश्व की ज़िम्मेदारी है।”
भारत की आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को अब अकेले नहीं लड़ना पड़ रहा। जापान और यूएई जैसे मजबूत साझेदारों का खुला समर्थन यह संकेत देता है कि दुनिया अब आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों से आंखें फेरने को तैयार नहीं। भारत की आवाज अब और बुलंद होती दिख रही है।











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