Date : 18/05/2025 Curated by the team at Boldvoices

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत के स्मार्टफोन निर्यात में 55% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिससे इनका कुल निर्यात मूल्य $24.14 बिलियन (लगभग ₹2 लाख करोड़) तक पहुँच गया। इस उपलब्धि के साथ स्मार्टफोन ने पारंपरिक निर्यात वस्तुओं जैसे पेट्रोलियम उत्पादों और कटे-हीरों को पीछे छोड़ते हुए देश की सबसे बड़ी निर्यात श्रेणी का स्थान प्राप्त कर लिया है।
📈 स्मार्टफोन निर्यात में वृद्धि के प्रमुख कारण:
- सरकारी योजनाएँ:
उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना और “मेक इन इंडिया” जैसे कार्यक्रमों ने घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित किया और निर्यात को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। - वैश्विक ब्रांड्स की भूमिका:
Apple और Samsung जैसी वैश्विक कंपनियों ने भारत में अपने विनिर्माण केंद्रों का विस्तार किया है, जिससे उच्च गुणवत्ता वाले स्मार्टफोन का उत्पादन और निर्यात दोनों तेज़ी से बढ़ा। - प्रमुख निर्यात गंतव्य:
अमेरिका, जापान, नीदरलैंड्स, इटली और चेक गणराज्य जैसे देशों में ‘मेड इन इंडिया’ स्मार्टफोन्स की मांग में तीव्र बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
🌍 वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति:
इस निर्यात वृद्धि ने भारत को वैश्विक स्मार्टफोन उत्पादन और निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है। इसके साथ ही भारत वैश्विक तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला में एक सशक्त भागीदार के रूप में उभरा है।
यह बदलाव भारत की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक क्षमताओं के बढ़ते सामर्थ्य को दर्शाता है। स्मार्टफोन जैसे अत्याधुनिक उत्पाद का शीर्ष निर्यात श्रेणी बनना न केवल तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक उपलब्धि है, बल्कि भारत के भविष्य को एक वैश्विक विनिर्माण हब के रूप में भी संवारता है।











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