📅 दिनांक: 13 मई 2025 ✍️ Curated by the team of Boldvoices

🔰 क्या हुआ है?
जम्मू-कश्मीर में भारतीय सुरक्षाबलों ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाया, जिसका नाम था ऑपरेशन केलर (Operation Keller)। इस अभियान में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के तीन खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया गया।
यह मुठभेड़ कश्मीर के एक संवेदनशील क्षेत्र में हुई, जहां आतंकवादियों के छिपे होने की पक्की सूचना सेना को मिली थी।
⚔️ ऑपरेशन केलर: कैसे चला पूरा अभियान?
- यह ऑपरेशन भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई थी।
- आतंकवादियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिलते ही इलाके को चारों ओर से घेर लिया गया।
- रात के अंधेरे में यह ऑपरेशन शुरू हुआ और कई घंटों तक मुठभेड़ चलती रही।
- अंत में तीनों आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया।
🧠 मारे गए आतंकवादी कौन थे?
- ये तीनों लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए थे, जो पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन है।
- इन पर कई स्थानीय युवाओं को गुमराह कर आतंकवाद की राह पर ले जाने, और सुरक्षा बलों पर हमले का आरोप था।
- एक आतंकवादी की पहचान स्थानीय निवासी के रूप में हुई है, जबकि दो विदेशी नागरिक थे, जो घुसपैठ के ज़रिये भारत में दाखिल हुए थे।
- शोपियां में मारा गया आतंकी शाहिद कुट्टे, मोहम्मद यूसुफ कुट्टे का बेटा है। दूसरे आतंकवादी की पहचान अदनान शफी डार पुत्र मोहम्मद शफी डार, निवासी वंडुना मेलहोरा, शोपियां के रूप में हुई है।

🏡 स्थानीय लोगों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता
- ऑपरेशन के दौरान सेना ने यह सुनिश्चित किया कि स्थानीय नागरिकों को कोई नुकसान न हो।
- मुठभेड़ क्षेत्र से लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था।
📢 सेना का संदेश: आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं
सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा:
“जो भी भारत की शांति को भंग करने की कोशिश करेगा, उसे इसी तरह जवाब मिलेगा। ऑपरेशन केलर एक चेतावनी है – भारत अब हर खतरे से निपटने को तैयार है।”
🔍 इस ऑपरेशन का महत्व
- यह कार्यवाही आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रतीक है।
- इससे घाटी में फैले डर के माहौल को कमज़ोर करने में मदद मिलेगी।
- साथ ही यह संदेश भी गया कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को भारत अब और सहन नहीं करेगा।
🧭 निष्कर्ष
ऑपरेशन केलर एक और उदाहरण है कि भारत अब न सिर्फ़ हमलों का जवाब देता है, बल्कि आतंक की जड़ तक जाकर कार्रवाई करता है।
तीनों आतंकियों के मारे जाने से आतंक के नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है।
“भारत की चुप्पी को कमजोरी मत समझो, यह शांति के लिए है – और जब ज़रूरत पड़े, भारत का जवाब शौर्य से भरा होता है।”











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