12 मई 2025लेखक: Team of Boldvoices

भारत द्वारा पाकिस्तान के इस्लामाबाद के पास स्थित नूर खान एयरबेस पर मिसाइल हमला किया गया था। इस हमले के बाद परमाणु विकिरण (रेडिएशन) के रिसाव की खबरें सामने आईं, जिसने पूरे विश्व में चिंता का माहौल पैदा कर दिया।

यह एयरबेस पाकिस्तान की परमाणु कमान और नियंत्रण केंद्रों के बहुत करीब है। हमले के बाद अमेरिका ने अपने ऊर्जा विभाग का एक विशेष विमान वहां भेजा, जो हवा में रेडिएशन का पता लगा सकता है। इसका उद्देश्य यह जांचना था कि कहीं रेडिएशन का कोई रिसाव तो नहीं हुआ है।

इसके साथ ही मिस्र से “बोरॉन” नामक एक विशेष रसायन पाकिस्तान को भेजा गया। यह रसायन रेडिएशन को नियंत्रित करने और उसके दुष्प्रभाव को कम करने में उपयोगी होता है।

हालांकि परमाणु विशेषज्ञों का मानना है कि सामान्य मिसाइल हमलों से परमाणु बम फटते नहीं हैं क्योंकि उनमें कई सुरक्षा तंत्र लगे होते हैं। लेकिन फिर भी, अगर रेडिएशन रिसाव हुआ है तो यह बेहद गंभीर बात है।

इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने तुरंत हस्तक्षेप किया और भारत-पाकिस्तान के बीच संवाद शुरू कराया। अमेरिकी उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री ने दोनों देशों के नेताओं से बातचीत की। इसके बाद दोनों देशों ने युद्धविराम (सीज़फायर) पर सहमति जताई।

इस घटना ने दक्षिण एशिया में परमाणु हथियारों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं न केवल स्थानीय बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती हैं।—

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