दिनांक: 10 मई 2025 लेखक: Team of Boldvoices


मोहन भागवत जी का बयान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत जी ने भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे राष्ट्र की रक्षा और आत्म-सम्मान की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया है।

उनके अनुसार:

“पाहलगाम में निर्दोष पर्यटकों पर कायरतापूर्ण हमले के बाद, पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ यह कार्रवाई आवश्यक थी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने न केवल हमले के शिकार लोगों को न्याय दिलाने की दिशा में कदम उठाया है, बल्कि पूरे देश के आत्म-सम्मान और मनोबल को भी नई ऊंचाई दी है।”

भागवत जी ने कहा कि यह केवल एक सैन्य प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि भारत की गरिमा की रक्षा का कार्य था।


🛡️ संघ का एकजुट समर्थन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इस ऑपरेशन के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया है। संघ के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा:

“पाकिस्तान की धरती पर पनप रहे आतंकवादियों, उनके ढांचे और समर्थन तंत्र को नष्ट करना भारत की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। इस गंभीर समय में पूरा देश, उसकी सरकार और सेना के साथ एकजुट है।”

उन्होंने इस संघर्ष को “राष्ट्र की आत्मा की रक्षा” बताया और सभी देशवासियों से संयम, साहस और एकता बनाए रखने की अपील की।


मोहन भागवत जी और RSS का यह बयान भारत की रणनीतिक और नैतिक स्थिति को मजबूती देता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ केवल आतंकियों पर कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत के आत्मगौरव की पुनर्पुष्टि है। इससे यह संदेश स्पष्ट होता है कि भारत अपनी जनता, सीमा और सम्मान की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने को तैयार है।


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