🔴 रक्षा समाचार | दिनांक: 09 मई 2025 ✍️ Curated by the Team of Boldvoices

🇮🇳 स्वदेशी मिसाइल प्रणाली “आकाश” बनी देश की वायु सुरक्षा की रीढ़, हाल ही में पाकिस्तान के ड्रोन हमले को किया विफल
नई दिल्ली – भारत में निर्मित अत्याधुनिक आकाश मिसाइल रक्षा प्रणाली ने एक बार फिर अपनी मारक क्षमता का परिचय दिया है। 7 मई 2025 को पाकिस्तान की ओर से किए गए ड्रोन हमले को भारत की वायुसेना ने आकाश प्रणाली के ज़रिए नाकाम कर दिया। यह पूरी तरह से स्वदेशी प्रणाली अब देश की वायु रक्षा का मजबूत स्तंभ बन चुकी है।
🔍 क्या है आकाश मिसाइल रक्षा प्रणाली?
आकाश भारत की पहली स्वदेशी मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली (SAM) है, जिसे DRDO ने विकसित किया है। यह प्रणाली 30 किलोमीटर तक की दूरी पर दुश्मन के लड़ाकू विमानों, ड्रोन, क्रूज़ मिसाइल और हेलिकॉप्टरों को नष्ट कर सकती है।
🚀 आकाश की तकनीकी विशेषताएँ:
| मापदंड | विवरण |
|---|---|
| मारक दूरी | 25–30 किमी |
| लक्ष्य की ऊँचाई | 20 किमी तक |
| गति | मैक 2.5 से 3.5 |
| मार्गदर्शन | कमांड गाइडेंस + रडार होमिंग |
| वारहेड | 60 किलोग्राम विस्फोटक |
| प्रोपल्शन | सॉलिड फ्यूल रैमजेट इंजन |

🔭 निगरानी और रडार सिस्टम:
- राजेन्द्र रडार: 64 लक्ष्यों को एक साथ ट्रैक करने में सक्षम
- CAR रडार: 180 किमी दूर तक खतरे को पहचान सकता है
- BSR: 40 लक्ष्यों को एकसाथ ट्रैक कर सकता है
🆕 आकाश के नवीनतम वर्जन:
- आकाश Mk-1 – मूल संस्करण
- आकाश-1S – एक्टिव रडार होमिंग साधक के साथ
- आकाश प्राइम – ठंडे वातावरण में भी कार्यरत
- आकाश-NG – नई पीढ़ी की मिसाइल, 70–80 किमी रेंज के साथ
🛡️ सेना और वायुसेना में तैनाती:
- वायुसेना के पास 8 स्क्वाड्रन (Mk-1) और 3 स्क्वाड्रन (प्राइम) हैं
- सेना के पास 2 रेजिमेंट्स तैनात हैं, और दो और की आपूर्ति प्रक्रिया में है

🌍 वैश्विक मान्यता और निर्यात:
भारत अब आकाश प्रणाली का निर्यात भी कर रहा है।
- आर्मेनिया ने 2024 में $230 मिलियन में खरीदी
- फिलिपींस से 2025 में संभावित डील
📢 रक्षा विशेषज्ञों की राय:
रक्षा विश्लेषक ब्रिगेडियर (से.नि.) अरुण रावत के अनुसार:
“आकाश अब सिर्फ एक मिसाइल नहीं बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता और टेक्नोलॉजिकल शक्ति का प्रतीक बन चुका है।”
🧠 निष्कर्ष:
आकाश ने भारत को एयर डिफेंस में आत्मनिर्भर बना दिया है। इसके नए संस्करणों ने इसे विश्वस्तरीय बना दिया है। चाहे युद्ध हो या सीमाई तनाव — आकाश हर बार भारत की वायु सुरक्षा की ढाल बनकर खड़ा रहा है।











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