Curated by the Team of Boldvoices दिनांक: 7 मई 2025


🔍 मामला क्या है?

14 मार्च 2025 को दिल्ली में न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के सरकारी आवास पर आग लगने की घटना हुई।
दमकल कर्मियों ने आग बुझाते समय वहां बड़ी मात्रा में नकदी पाई।
इस घटना का वीडियो सामने आया, जिसमें नोटों के बंडल जलते हुए दिख रहे थे।


🧑‍⚖️ जांच समिति की रिपोर्ट

मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने 22 मार्च को एक तीन सदस्यीय समिति गठित की, जिसमें शामिल थे:

  • पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागु
  • हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जी.एस. संधावालिया
  • कर्नाटक उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति अनु शिवरामन

समिति ने 4 मई को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें न्यायमूर्ति वर्मा को दोषी ठहराया गया।


⚠️ आगे की कार्रवाई

मुख्य न्यायाधीश ने न्यायमूर्ति वर्मा को 9 मई तक का समय दिया है ताकि वे स्वयं इस्तीफा दे दें।
यदि वे इस्तीफा नहीं देते हैं, तो यह रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजी जाएगी और उनके खिलाफ महाभियोग की सिफारिश की जाएगी।


🗣️ न्यायमूर्ति वर्मा की प्रतिक्रिया

न्यायमूर्ति वर्मा ने किसी भी गलत कार्य से इनकार किया है और इसे अपने खिलाफ साजिश बताया है।
हालांकि, जांच समिति ने उनके स्पष्टीकरण को अस्वीकार कर दिया है।


यह मामला न्यायपालिका में पारदर्शिता, जवाबदेही और उच्च नैतिक मानकों की आवश्यकता को उजागर करता है।
देश की न्याय व्यवस्था की गरिमा बनाए रखने के लिए समय पर और निष्पक्ष कार्रवाई अपेक्षित है।


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