Curated by the Team of Boldvoices दिनांक: 7 मई 2025


Photo | PTI

🔴 पाकिस्तानी सेना की अमानवीयता फिर सामने आई

पाकिस्तान की सेना ने एक बार फिर अपनी बर्बर और अमानवीय सोच का परिचय दिया है। सीमा पार से लगातार नागरिक इलाकों को निशाना बनाकर भारी गोलाबारी की जा रही है।
इस हमले में अब तक कई निर्दोष भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।


🧨 कहां हो रही है गोलाबारी?

  • गोलाबारी मुख्यतः जम्मू-कश्मीर के पुंछ, राजौरी और केरन सेक्टर में हो रही है।
  • पाकिस्तानी सेना रिहायशी इलाकों, स्कूलों और खेतों को निशाना बना रही है।
  • कई गांवों में लोग बंकरों में छिपकर जान बचा रहे हैं, जबकि कई के घर राख हो चुके हैं।
  • जम्मू-कश्मीर के पुंछ ज़िले में स्थित एक गुरुद्वारे पर सीधा मोर्टार हमला हुआ, जिसमें तीन सिख श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। यह हमला न केवल मानवता के खिलाफ है, बल्कि यह धर्मस्थलों के अपमान और सिख समाज की भावनाओं पर हमला है।

📢 भारत का जवाब

भारतीय सेना ने भी इस बर्बरता का मुँहतोड़ जवाब देना शुरू कर दिया है, लेकिन
भारत नागरिकों को लक्षित नहीं करता — यह हमारे और पाकिस्तान के बीच का मूलभूत अंतर है।
जहाँ भारतीय सेना दुश्मन की चौकियों को निशाना बनाती है, वहीं पाकिस्तानी सेना जानबूझकर निर्दोषों पर हमला करती है।


😡 यह कोई युद्ध नहीं — यह जघन्य अपराध है

  • पाकिस्तान की यह हरकत केवल युद्ध नहीं, मानवता के खिलाफ अपराध है।
  • अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत नागरिकों को निशाना बनाना युद्ध अपराध माना जाता है।
  • पाकिस्तानी सेना की यह सोच दिखाती है कि उनके लिए मानव जीवन का कोई मूल्य नहीं है।

👨‍👩‍👧‍👦 निर्दोषों की दर्दनाक कहानियां

  • एक स्कूल पर गिरा मोर्टार, दो बच्चों की मौत।
  • एक महिला अपने छोटे बच्चे को सीने से लगाए बंकर में रोती रही — “हमें किस बात की सजा दी जा रही है?”
  • खेतों में काम कर रहे बुजुर्गों पर फायरिंग — “हम निहत्थे हैं, फिर भी पाकिस्तान हम पर वार कर रहा है।”

🧾 अंतरराष्ट्रीय चुप्पी पर सवाल

  • पाकिस्तान की यह हरकतें संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़ा करती हैं।
  • क्यों अब तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई?
  • जब निर्दोष मारे जा रहे हैं, तब चुप रहना भी अपराध का साथ देना है।

🔚 निष्कर्ष

पाकिस्तान की सेना आज आतंकवाद और अमानवीयता का दूसरा नाम बन चुकी है।
जहाँ भारत हर बार शांति की पहल करता है, वहीं पाकिस्तान उसे कमज़ोरी समझता है।
अब वक्त आ गया है कि भारत न केवल जवाब दे, बल्कि न्याय भी सुनिश्चित करे।
यह युद्ध नहीं, धर्म युद्ध है — और अधर्म की हार तय है।


Leave a comment

Trending