✍️ Curated by the team of Boldvoices.in 📅 दिनांक: 6 मई 2025

📰 मुख्य खबर:
दुबई की एक अदालत ने भारतीय मूल के अरबपति व्यवसायी बलविंदर सिंह सहनी (जिन्हें “अबू सबाह” के नाम से भी जाना जाता है) को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 5 साल की जेल और 5 लाख दिरहम (लगभग ₹1.15 करोड़) का जुर्माना लगाया है।
इसके साथ ही, अदालत ने 150 मिलियन दिरहम (लगभग ₹344 करोड़) की संपत्ति जब्त करने और सजा पूरी होने के बाद उन्हें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से निर्वासित करने का आदेश दिया है।
🔍 मामला क्या है?
- सहनी पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी कंपनियों और जाली बिलों के माध्यम से 150 मिलियन दिरहम की मनी लॉन्ड्रिंग की।
- यह मामला 2024 में बुर दुबई पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था और बाद में जन अभियोजन को सौंपा गया।
- अदालत ने पाया कि सहनी ने एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के माध्यम से अवैध धन को छिपाने के लिए फर्जी कंपनियों और दस्तावेजों का उपयोग किया।
👨👦 अन्य दोषी:
- इस मामले में सहनी के बेटे सहित 33 अन्य लोग भी दोषी पाए गए हैं।
- कुछ को एक साल की जेल और 2 लाख दिरहम का जुर्माना लगाया गया, जबकि तीन कंपनियों पर 50 मिलियन दिरहम का जुर्माना लगाया गया।
🏢 बलविंदर सिंह सहनी कौन हैं?
- सहनी RSG ग्रुप के संस्थापक और अध्यक्ष हैं, जो UAE, अमेरिका, भारत और अन्य देशों में रियल एस्टेट और निवेश के क्षेत्र में सक्रिय है।
- वह अपनी भव्य जीवनशैली के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने 2016 में “D5” नंबर प्लेट के लिए 33 मिलियन दिरहम (लगभग ₹80 करोड़) खर्च किए थे।
- उनके दुबई स्थित घर में एक ब्लैक बुगाटी भी है, जिसे उन्होंने “बुरी नजर” से बचने के लिए रखा था।
⚖️ निष्कर्ष:
यह मामला दुबई में मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई का हिस्सा है।
बलविंदर सिंह सहनी की सजा यह संदेश देती है कि UAE में आर्थिक अपराधों के प्रति Zero Tolerance की नीति अपनाई जा रही है।











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