Curated by the Team of Boldvoices Dinank: 6 मई 2025

🔹 प्रमुख बिंदु:
- समझौते की घोषणा:
6 मई 2025 को भारत और यूनाइटेड किंगडम ने एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में नया अध्याय जुड़ गया। - बिलेट्रल व्यापार में वृद्धि:
यह समझौता 2040 तक दोनों देशों के बीच वार्षिक व्यापार को £25.5 बिलियन तक बढ़ाने का अनुमान है।
📉 भारत द्वारा ब्रिटिश उत्पादों पर टैरिफ में कटौती:
- व्हिस्की और जिन:
150% से घटाकर 75% किया गया है, और इसे दस वर्षों में 40% तक लाया जाएगा। - कारें:
ब्रिटेन से आयातित कारों पर 100% शुल्क घटाकर 10% किया गया है (कोटा प्रणाली के तहत सीमित संख्या में आयात की अनुमति होगी)। - अन्य उत्पाद:
कॉस्मेटिक्स, मेडिकल डिवाइसेज़, चॉकलेट, बिस्किट्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स आदि पर भी टैरिफ में कमी की गई है।
📈 यूके द्वारा भारतीय उत्पादों के लिए रियायतें:
- 99% भारतीय निर्यात:
यूके में अब बिना आयात शुल्क के प्रवेश कर सकेंगे। - भारतीय वस्त्र और खाद्य उत्पाद:
यूके के उपभोक्ताओं को अब सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे। - भारतीय श्रमिक:
यूके में काम करने वाले भारतीयों को अब वहां की नेशनल इंश्योरेंस भुगतान से छूट मिलेगी।
🤝 अन्य प्रमुख समझौते:
- डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस कन्वेंशन:
दोनों देशों के बीच दोहरे कराधान से बचाव के लिए विशेष प्रावधान तय किए गए हैं। - सेवाओं और निवेश में सहयोग:
सेवाओं, निवेश, और नवाचार के क्षेत्रों में दोनों देश एक-दूसरे के साथ मिलकर कार्य करेंगे।
🗣️ नेताओं की प्रतिक्रियाएं:
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी:
“यह समझौता हमारे व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करेगा, व्यापार, निवेश, विकास, रोजगार सृजन और नवाचार को उत्प्रेरित करेगा।” - यूके प्रधानमंत्री कीर स्टारमर:
“यह समझौता हमारे आर्थिक संबंधों में एक नए युग की शुरुआत है।”
📊 संभावित प्रभाव:
- भारतीय निर्यातकों के लिए:
यूके बाजार में आसान पहुंच और प्रतिस्पर्धात्मक लाभ। - यूके उपभोक्ताओं के लिए:
भारतीय वस्त्र और खाद्य उत्पादों की कीमतों में कमी। - दोनों देशों के लिए:
रोजगार के नए अवसर, निवेश में वृद्धि, और आर्थिक विकास को गति।












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