लेखक: Team of Boldvoices, दिनांक: 05 मई 2025

दिल्ली के तैमूर नगर में नाले पर बने अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि इन अतिक्रमणों को हटाया जाए, क्योंकि ये नाले के जल प्रवाह में बाधा डाल रहे हैं, जिससे हाल ही में दक्षिण दिल्ली सहित कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई थी।
कोर्ट का आदेश और कार्रवाई
हाई कोर्ट ने 28 अप्रैल को दिए अपने आदेश में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को निर्देशित किया था कि वह तैमूर नगर नाले के आसपास के अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया 5 मई से शुरू करे। कोर्ट ने यह भी कहा कि नाले की सफाई और अतिक्रमण हटाना मानसून से पहले आवश्यक है, ताकि जलभराव की समस्या से बचा जा सके।
14 परिवारों को स्थानांतरित होने की मोहलत
इंदिरा गांधी कैंप पार्ट-I में रहने वाले 14 परिवारों ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि उन्हें स्थानांतरित होने के लिए कुछ समय दिया जाए। कोर्ट ने उनकी अपील स्वीकार करते हुए उन्हें 6 मई की शाम तक का समय दिया है, ताकि वे अपने सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जा सकें।
कोर्ट की टिप्पणी
कोर्ट ने कहा कि नाले पर बने अवैध निर्माणों के कारण जल निकासी बाधित हो रही है, जिससे मानसून के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक भूमि पर अवैध रूप से बने ढांचों को वैध निवासियों के अधिकारों से ऊपर नहीं रखा जा सकता।
निष्कर्ष
तैमूर नगर नाले से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस कार्य को शीघ्रता से पूरा करें। कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इस प्रक्रिया के दौरान वृद्ध, महिलाएं और बच्चे सुरक्षित रूप से अपने सामान को स्थानांतरित कर सकें, और किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था की समस्या न उत्पन्न हो।











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