दिनांक: 4 मई 2025, लेखक: Team of Boldvoices


📰 राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्कृत करने की शंकराचार्य की घोषणा

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्कृत करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अब से राहुल गांधी को हिंदू नहीं माना जाएगा। यह विवाद राहुल गांधी द्वारा संसद में मनुस्मृति पर की गई टिप्पणी के बाद शुरू हुआ।


🗣️ राहुल गांधी का बयान क्या था?

लोकसभा में हाथरस कांड पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि लड़की के साथ गैंगरेप करने वाले बाहर घूम रहे हैं और पीड़िता का परिवार घर में बंद है। उन्होंने कहा कि यह बात मनुस्मृति में लिखी है, संविधान में नहीं। उन्होंने सीधे तौर पर मनुस्मृति की आलोचना करते हुए उसे अन्यायपूर्ण बताया।


📩 शंकराचार्य की प्रतिक्रिया

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर इस बयान पर स्पष्टीकरण मांगा था। तीन महीने तक कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि राहुल गांधी हिंदू धर्म में विश्वास नहीं रखते और उन्होंने धर्म के मूल ग्रंथों का अपमान किया है।

शंकराचार्य ने कहा कि जो व्यक्ति मनुस्मृति को नहीं मानता, वह सनातन धर्म का हिस्सा नहीं हो सकता। उनके अनुसार, संसद में खड़े होकर राहुल गांधी ने धार्मिक ग्रंथों का मजाक उड़ाया, जो क्षम्य नहीं है।


🚫 धार्मिक बहिष्कार का एलान

शंकराचार्य ने सभी पंडितों और पुरोहितों से आह्वान किया कि वे राहुल गांधी के किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में भाग न लें। उन्होंने मंदिरों में उनके प्रवेश पर भी रोक लगाने की बात कही। उनका कहना है कि धार्मिक मर्यादा और आस्था की रक्षा के लिए ऐसे निर्णय आवश्यक हैं।


🧭 धर्म संसद और तीर्थ यात्रा पर टिप्पणी

प्रयागराज में आयोजित धर्म संसद में राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया। शंकराचार्य ने कहा कि तीर्थस्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए गैर-आस्थावानों का प्रवेश वर्जित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों में अंतर समझना ज़रूरी है।


🔚 निष्कर्ष

यह मामला सिर्फ एक राजनीतिक नेता के बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धार्मिक मान्यताओं और उनकी सार्वजनिक व्याख्या से भी जुड़ा है। शंकराचार्य के इस कदम ने हिंदू समाज में एक नई बहस छेड़ दी है कि धर्म और राजनीति की सीमाएं क्या होनी चाहिए।

यदि राहुल गांधी की ओर से कोई स्पष्टीकरण आता है तो स्थिति में बदलाव संभव है, लेकिन फिलहाल उन्हें औपचारिक रूप से सनातन धर्म से बाहर कर दिया गया है।

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