📅 दिनांक: 3 मई 2025, ✍️ By the team of Boldvoices

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में एक बयान में भगवान श्रीराम को ‘मिथकीय पात्र’ (mythological figure) बताया, जिससे राजनीतिक हलकों में विवाद उत्पन्न हो गया है। भाजपा नेताओं ने इस टिप्पणी की तीव्र आलोचना की है और इसे हिंदू आस्था का अपमान बताया है।
राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में श्रीराम जैसे पात्रों की कहानियाँ नैतिक मूल्यों और आदर्शों को दर्शाती हैं, लेकिन इन्हें ऐतिहासिक रूप से सत्य नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि इन कथाओं का उद्देश्य समाज में नैतिकता और धर्म की शिक्षा देना है।
भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के इस बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह हिंदू धर्म और आस्था का अपमान है। मध्य प्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि राहुल गांधी को रामायण और गीता पढ़नी चाहिए, ताकि उन्हें भारतीय संस्कृति और परंपराओं की सही समझ हो सके।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देश में धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर राजनीतिक बहस तेज हो रही है। राहुल गांधी के बयान ने एक बार फिर से धर्म और राजनीति के बीच के संबंधों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
नोट: यह रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।












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