रिपोर्ट: Team of Boldvoices | 2 मई 2025

दिल्ली और आसपास के इलाकों (एनसीआर) में 1 मई 2025 को हुई अचानक भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया। इस बारिश के कारण 4 लोगों की मौत हो गई और 100 से ज़्यादा फ्लाइट्स को देर से उड़ान भरनी पड़ी या रद्द कर दिया गया।
☁️ बारिश इतनी तेज़ क्यों हुई?
दिल्ली में अचानक हुई इस असामान्य बारिश का कारण था एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और इसके साथ सक्रिय हुई दक्षिणी हवाएं (Southwesterly winds)।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार:
- पश्चिमी विक्षोभ से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में बर्फबारी और बारिश शुरू हुई।
- इसका असर दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचा और वहां तेज़ हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई।
- साथ ही बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाएं दिल्ली तक पहुंचीं, जिससे बादलों में काफी नमी आ गई और भारी बारिश हुई।
🌪️ क्या-क्या हुआ नुकसान?
1. जान-माल का नुकसान:
- अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
- इनमें से 2 लोग पेड़ गिरने से दबे।
- 1 व्यक्ति बिजली गिरने का शिकार हुआ।
- 1 की मौत सड़क हादसे में हुई, जो बारिश के कारण हुआ।
2. हवाई सेवा प्रभावित:
- 100 से ज्यादा फ्लाइटें लेट हो गईं।
- 25 फ्लाइटों को डायवर्ट किया गया — यानी उन्हें दूसरे एयरपोर्ट पर उतारा गया।
- इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कई घंटों तक उड़ानें रुकी रहीं।
3. ट्रैफिक जाम और जलभराव:
- दिल्ली और गुरुग्राम में जगह-जगह जलभराव हो गया।
- नोएडा, फरीदाबाद और गाज़ियाबाद में भी सड़कें डूब गईं।
- कई इलाकों में लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा।
4. बिजली और मोबाइल नेटवर्क पर असर:
- कुछ इलाकों में बिजली गुल हो गई।
- तेज़ हवाओं के कारण मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट में भी दिक्कत आई।
🌡️ क्या यह बारिश सामान्य थी?
नहीं, मई महीने की शुरुआत में इतनी भारी बारिश सामान्य नहीं मानी जाती।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
- 1 मई को दिल्ली में 3 गुना ज्यादा बारिश हुई, जितनी सामान्यत: होती है।
- यह एक “एक्स्ट्रीम वेदर इवेंट” यानी अत्यधिक मौसम घटना मानी जा रही है।
🛰️ मौसम विभाग का क्या कहना है?
IMD (भारत मौसम विभाग) के अनुसार:
- यह प्री-मॉनसून एक्टिविटी का हिस्सा है, लेकिन इसकी तीव्रता और समय चिंता का विषय है।
- अगले 1-2 दिन तक दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं जारी रह सकती हैं।
- लोगों को सलाह दी गई है कि वे घर से बाहर निकलने से पहले मौसम अपडेट ज़रूर चेक करें।
🔍 क्या यह जलवायु परिवर्तन (climate change) का संकेत है?
मौसम विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की असामान्य घटनाएं जलवायु परिवर्तन का असर हो सकती हैं:
- गर्मियों में अचानक बारिश
- एक दिन में कई हफ्तों जितनी बारिश
- तेज़ हवाओं और तूफानों की संख्या में बढ़ोतरी
ये सभी संकेत बताते हैं कि मौसम अब पहले जैसा नहीं रहा और ऐसी घटनाएं अब अक्सर देखने को मिलेंगी।
✅ लोगों के लिए ज़रूरी सलाह:
- बारिश के समय खुले में ना जाएं, खासकर पेड़ों और बिजली के खंभों के पास।
- अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर बाइक या स्कूटर पर।
- घर में बिजली के उपकरण बंद रखें जब तेज़ बिजली या बारिश हो।
- मौसम विभाग के अपडेट्स पर ध्यान दें।











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