April 29 , 2025 | New Delhi | Curated by KSR, Editor at Boldvoices.in
Complete Tweet of Delhi CM Rekha Gupta Ji is as follows :

आज दिल्ली कैबिनेट ने The Delhi School Education (Transparency in Fixation & Regulation of Fees) Bill-2025, को मंजूरी दी है। यह विधेयक दिल्ली के सभी निजी स्कूलों पर लागू होगा और स्कूल फीस निर्धारण को लेकर पारदर्शी, सख्त और स्पष्ट प्रावधान सुनिश्चित करेगा।
यह निर्णय माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में, दिल्ली सरकार के नेतृत्व द्वारा दिल्ली के बच्चों और अभिभावकों को सशक्त बनाने की दिशा में लिया गया है।
1973 में बना ‘दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम’ अब तक फीस विनियमन पर एकमात्र आधार था। वर्षों में शिक्षा प्रणाली बदली, लेकिन कानून नहीं बदला। Director of Education के पास भी कोई ठोस कानूनी अधिकार नहीं थे, जिसके कारण निजी स्कूल मनमानी करते थे।
●मुख्य प्रावधान:
अब कोई भी प्राइवेट स्कूल मनमानी तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकेगा। हर स्कूल को पहले School Level Fee Regulation Committee के समक्ष प्रस्तावित फीस संरचना प्रस्तुत करनी होगी। इस कमेटी में अभिभावक, शिक्षक और Director of Education का एक प्रतिनिधि शामिल होगा।
यदि कमेटी में कोई निर्णय नहीं हो पाता, तो मामला “District Fee Appellate Committee” और फिर “Revision Committee” तक जाएगा।
यह तीन स्तरों वाला सिस्टम पहली बार लागू हो रहा है और इसमें सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है।

●दंडात्मक प्रावधान:
नियम उल्लंघन पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार उल्लंघन पर दोगुना/तीन गुना जुर्माना। अवैध रूप से ली गई फीस लौटाई नहीं गई, तो स्कूल की चल-अचल संपत्ति जब्त की जा सकती है।
लगातार उल्लंघन पर स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। आवश्यक होने पर स्कूल प्रबंधन का नियंत्रण सरकार द्वारा लिया जा सकता है।
●छात्रों के संरक्षण के उपाय:
फीस विवाद के आधार पर बच्चों का नाम काटना, परिणाम रोकना या कक्षा से वंचित करना अब पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। Capitation fee या मानसिक दबाव डालने पर तो उस पर भारी जुर्माना और ज़रूरत पड़ी तो मान्यता रद्द हो सकती है।
●कार्यान्वयन समय-सीमा: 15 जुलाई 2025 तक स्कूल स्तर की कमेटियों का गठन करना है। 31 जुलाई 2025 तक स्कूलों द्वारा फीस प्रस्ताव जमा करना है। 15 सितंबर 2025 तक कमेटी द्वारा प्रस्ताव पर निर्णय होना है। 30 सितंबर 2025 तक यदि और कोई सुझाव नहीं आता है, तो मामला ज़िला समिति को भेजा जाएगा।
●अब तक की कार्यवाही: अब तक 970 स्कूलों का निरीक्षण हो चुका है। 150 से अधिक फीस वृद्धि की शिकायतों पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। 42 स्कूलों को डमी क्लास चलाने पर पकड़ा गया है। 300 से अधिक किताबों और यूनिफॉर्म से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।
यह सिर्फ एक विधेयक नहीं, अभिभावकों की जीत है; हमारी सरकार की इच्छाशक्ति है, हमारे नेतृत्व की प्रतिबद्धता है। यह कानून, हर उस बच्चे का अधिकार है, जिसे कभी फीस न दे पाने के कारण अपमानित किया गया।
आज मैं हर माता-पिता से कहना चाहती हूँ कि अब आप अकेले नहीं हैं। दिल्ली सरकार आपके साथ खड़ी है। जहाँ पिछली सरकारों की प्राथमिकता शराब के लाइसेंस बाँटना थी, हमारी प्राथमिकता दिल्ली के बच्चों का उज्ज्वल भविष्य गढ़ना है।
हम वोट बैंक नहीं बना रहे, हम बच्चों का भविष्य बना रहे हैं।
#ViksitDelhi #DelhiSchoolFeeBill2025 #FeeRegulation
Source : https://x.com/gupta_rekha/status/1917228971030102254











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