Team of Boldvoices, 📅 28 अप्रैल 2025


🔹 प्रमुख खबर

चीन ने हाल ही में पाकिस्तान को अत्याधुनिक PL-15 एयर-टू-एयर मिसाइलों की आपूर्ति की है। इन मिसाइलों को अब पाकिस्तान के JF-17 थंडर फाइटर जेट्स में शामिल किया जा रहा है। इस कदम का उद्देश्य भारत के राफेल और Su-30MKI जैसे उन्नत लड़ाकू विमानों का मुकाबला करना है।


🔹 PL-15 मिसाइल की विशेषताएं

  • प्रकार: बियॉन्ड-विजुअल-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (BVRAAM)
  • गति: माच 5+ (ध्वनि की गति से पांच गुना अधिक)
  • मारक क्षमता: 200 किलोमीटर से अधिक
  • निर्माता: चीन एयरबोर्न मिसाइल अकादमी (CAMA)
  • गाइडेंस सिस्टम: एक्टिव रडार होमिंग और दो-तरफा डाटा लिंक
  • लॉन्च प्लेटफॉर्म: JF-17 ब्लॉक-3, J-20, J-10C, J-16 आदि

🔹 भारत के लिए रणनीतिक प्रभाव

भारत के रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, PL-15 मिसाइलों की तैनाती से पाकिस्तान की वायु सेना की लंबी दूरी की मारक क्षमता में भारी इजाफा हुआ है। यह भारत के लिए एक नई चुनौती है, खासतौर पर राफेल और Su-30MKI जैसे विमानों के संचालन में, जिन्हें अब और अधिक सतर्कता से उड़ान भरनी होगी। इस नए खतरे को ध्यान में रखते हुए भारत को अपनी वायु रक्षा रणनीतियों और मिसाइल रक्षा प्रणालियों में सुधार करना आवश्यक हो गया है।


🔹 चीन-पाकिस्तान रक्षा सहयोग की गहराई

पिछले पांच वर्षों में पाकिस्तान के हथियार आयात का 81% हिस्सा चीन से आया है। इसमें सिर्फ PL-15 मिसाइल ही नहीं, बल्कि A-100 मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम, DF-17 हाइपरसोनिक मिसाइलें, और हैंगोर क्लास पनडुब्बियों जैसी कई घातक प्रणालियां भी शामिल हैं। इससे चीन-पाकिस्तान सैन्य संबंधों की गहरी और रणनीतिक प्रकृति का साफ संकेत मिलता है।


🔹 निष्कर्ष

चीन द्वारा पाकिस्तान को PL-15 जैसी अत्याधुनिक मिसाइलों की आपूर्ति भारत के लिए एक गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है। यह न केवल क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को चुनौती देता है, बल्कि भारत को अपनी वायु सुरक्षा और आक्रामक क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए प्रेरित करता है। आने वाले समय में इस क्षेत्र में सैन्य प्रतिस्पर्धा और भी तेज हो सकती है।


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