नई दिल्ली, 24 अप्रैल 2025 — भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ फरवरी 2021 में हुए युद्धविराम समझौते को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह कड़ा निर्णय 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद लिया गया है, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे।


🔴 युद्धविराम समझौता: क्या था?

फरवरी 2021 में भारत और पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर शांति बनाए रखने के लिए एक आपसी सहमति से युद्धविराम समझौता किया था। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव को रोकना और सीमावर्ती नागरिकों को राहत देना था।


🇮🇳 भारत की सख्त प्रतिक्रिया:

हमले के बाद भारत सरकार ने कई निर्णायक कदम उठाए हैं:

  • पाकिस्तानी नागरिकों के सभी वीज़ा रद्द कर दिए गए।
  • पाकिस्तानी राजनयिकों की संख्या घटाई गई।
  • सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया गया।
  • राजनयिक स्तर पर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया गया।

🇵🇰 पाकिस्तान की प्रतिक्रिया:

भारत के कड़े फैसलों के बाद पाकिस्तान ने भी जवाबी कदम उठाए:

  • भारत के नागरिकों के लिए वीज़ा जारी करना बंद किया।
  • अपने हवाई क्षेत्र को भारतीय विमानों के लिए बंद कर दिया।
  • भारत के साथ सभी व्यापारिक संबंध निलंबित कर दिए।
  • सिंधु जल संधि के निलंबन को “युद्ध जैसी कार्रवाई” बताया।

⚠️ क्षेत्र में बढ़ता तनाव:

भारत और पाकिस्तान दोनों ही परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं। युद्धविराम समझौते का रद्द होना, कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर तनाव को बढ़ावा दे रहा है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इस स्थिति को संभालने के लिए दोनों देशों को संयम और संवाद का रास्ता अपनाना होगा।


📌 निष्कर्ष:

भारत द्वारा युद्धविराम समझौता रद्द करना एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम है, जो आतंकवाद के खिलाफ उसकी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दर्शाता है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्षेत्र में शांति कैसे स्थापित की जाती है।


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