April 22 , 2025 | New Delhi | Curated By the team of Boldvoices.in


🔍 घोटाला क्या था?

एयरसेल-मैक्सिस डील घोटाला एक बड़ा टेलीकॉम घोटाला था जिसमें आरोप था कि एयरसेल नाम की भारतीय टेलीकॉम कंपनी को मलेशियाई कंपनी मैक्सिस ने नियमों के खिलाफ जाकर खरीदा और इसके पीछे राजनीतिक दखल था।

इस डील के वक्त भारत के दूरसंचार मंत्री डीएमके नेता दयानिधि मारन थे।


🧩 घोटाले की कहानी:

  1. एयरसेल कंपनी के मालिक थे शिवशंकरन (C. Sivasankaran)। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने एयरसेल को बेचना नहीं चाहा था, लेकिन दयानिधि मारन ने दबाव डालकर कंपनी मलेशिया की मैक्सिस को बिकवायी।
  2. कहा गया कि जब शिवशंकरन मैक्सिस को बेचने के लिए तैयार नहीं थे, तो सरकार ने उनकी कंपनी को लाइसेंस और स्पेक्ट्रम देने में देरी की, जिससे उन्हें मजबूरी में कंपनी बेचनी पड़ी।
  3. अक्टूबर 2006 में मैक्सिस ग्रुप ने एयरसेल में 74% हिस्सेदारी खरीद ली। ये डील करीब ₹4000 करोड़ रुपये की थी।

⚖️ नियमों का उल्लंघन:

  • किसी भी विदेशी कंपनी को भारत में निवेश करने से पहले एफआईपीबी (Foreign Investment Promotion Board) से मंजूरी लेनी होती है।
  • आरोप था कि इस डील को बिना पूरी मंजूरी के पास किया गया और जानबूझकर नियमों को नजरअंदाज किया गया।
  • इसमें यह भी कहा गया कि मैक्सिस ने दयानिधि मारन के परिवार से जुड़ी कंपनियों में निवेश किया, जो घूस का एक रूप माना गया।

👨‍⚖️ किस पर आरोप लगे?

  1. दयानिधि मारन – तत्कालीन दूरसंचार मंत्री, जिन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया।
  2. Kalanithi Maran – उनके भाई, जिनकी कंपनी सन टीवी पर लाभ पहुंचाने का आरोप था।
  3. मैक्सिस के मालिक अनंद कृणन (Ananda Krishnan) – मलेशियाई व्यापारी।
  4. एफआईपीबी के कुछ अधिकारियों पर भी नियमों को ताक पर रखने के आरोप लगे।

🕵️‍♂️ जांच एजेंसियाँ:

  • इस केस की जांच सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) ने की।
  • 2011 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले को फिर से उठाया गया।
  • सीबीआई ने 2014 में चार्जशीट फाइल की।

🧾 चार्जशीट में क्या था?

  • दयानिधि मारन पर पद का दुरुपयोग, भ्रष्टाचार, और धोखाधड़ी जैसे आरोप लगाए गए।
  • कहा गया कि डील के बाद मैक्सिस ने सन टीवी में ₹700 करोड़ का निवेश किया, जो एक तरह की किकबैक (घूस) मानी गई।

⚖️ अभी केस की स्थिति (2024 तक):

  • मामला अब भी अदालत में लंबित है।
  • कुछ अभियुक्तों को अंतरिम राहत मिली, लेकिन केस पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
  • अभी तक किसी को सजा नहीं हुई है।

📌 निष्कर्ष:

एयरसेल-मैक्सिस डील घोटाले में आरोप है कि एक केंद्रीय मंत्री ने निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया। यह घोटाला भारत में राजनीतिक और कॉर्पोरेट मिलीभगत का एक बड़ा उदाहरण माना जाता है।


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