April 21 , 2025 | New Delhi | Curated By the team of Boldvoices.in


भारत में पनीर अब सबसे अधिक मिलावटी खाद्य पदार्थ के रूप में उभरा है, जैसा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा हाल ही में प्रकाशित रिपोर्ट से स्पष्ट होता है।

वित्तीय वर्ष 2022-23 में FSSAI ने कुल 39,091 खाद्य नमूनों का परीक्षण किया, जिनमें से 10,381 नमूने मिलावटी पाए गए। इनमें से 6,853 मामलों में दोषी पाए गए व्यक्तियों पर कुल 22.27 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। पनीर, दूध, खोया और देशी घी जैसे उत्पादों में मिलावट के मामलों में यह वृद्धि चिंताजनक है।

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भी मिलावटी पनीर की समस्या गंभीर है। हाल ही में बुलंदशहर में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में पता चला कि स्किम्ड मिल्क पाउडर, रिफाइंड तेल, बेकिंग पाउडर, कास्टिक पोटाश और सिंथेटिक सिरप जैसे हानिकारक रसायनों से पनीर तैयार किया जा रहा था। यह पनीर दिल्ली और नोएडा में सप्लाई किया जा रहा था, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है।

एफएसएसएआई ने मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माने लगाए हैं, लेकिन यह समस्या व्यापक और गंभीर है। उपभोक्ताओं को असली और नकली पनीर की पहचान करने के लिए सतर्क रहना चाहिए। घर पर पनीर बनाना एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है, जिससे मिलावट से बचा जा सकता है।

असली और नकली पनीर की पहचान कैसे करें:

  1. रंग:
    असली पनीर सफेद और मुलायम होता है, जबकि नकली पनीर का रंग पीला या सफेद के बजाय हल्का क्रीम रंग का हो सकता है। नकली पनीर में रंग को बनाए रखने के लिए रसायन मिलाए जा सकते हैं।
  2. सुगंध:
    असली पनीर में ताजगी और हल्की दही जैसी खुशबू होती है, जबकि नकली पनीर में रासायनिक खुशबू आ सकती है, जो किसी सिंथेटिक सामग्री की ओर इशारा करती है।
  3. स्ट्रक्चर और बनावट:
    असली पनीर नरम और मखमली होता है। यदि पनीर बहुत अधिक कठोर या गहरे रूप में टूटने वाला हो, तो यह नकली हो सकता है। नकली पनीर में रेजिन, वेसन या कुछ अन्य कास्टिक तत्व मिलाए जा सकते हैं जो इसकी बनावट को असामान्य बना देते हैं।
  4. पानी की मात्रा:
    असली पनीर में पानी की मात्रा कम होती है और वह बहुत ज्यादा पानी नहीं छोड़ता। अगर पनीर ज्यादा पानी छोड़ता है, तो वह नकली हो सकता है, क्योंकि इसमें स्किम्ड मिल्क पाउडर जैसी सामग्री डाली जाती है।
  5. स्वाद:
    असली पनीर में एक हल्का खट्टा स्वाद होता है, जो दही के साथ मिलता-जुलता होता है। नकली पनीर में रासायनिक स्वाद हो सकता है, जो कच्चे और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्वों से आता है।
  6. फ्लोट टेस्ट:
    एक गिलास पानी में पनीर का टुकड़ा डालें। असली पनीर पानी में डूब जाएगा, जबकि नकली पनीर पानी पर तैर सकता है। यह टेस्ट सिंथेटिक सामग्री के इस्तेमाल का संकेत देता है।
  7. दाबने पर प्रतिक्रिया:
    असली पनीर को दबाने पर हल्की सी आर्द्रता महसूस होती है, जबकि नकली पनीर के दबाने पर उसमें अधिक ठोसता और रेजिन जैसी सतह मिल सकती है।

इन तरीकों से आप असली और नकली पनीर की पहचान कर सकते हैं और अपनी सेहत का ध्यान रख सकते हैं।

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