April 21 , 2025 | New Delhi | Curated By the team of Boldvoices.in


भारत सरकार ने चीन, दक्षिण कोरिया और जापान से सस्ते स्टील आयात पर अंकुश लगाने के लिए 12% की अस्थायी टैरिफ (सेफगार्ड ड्यूटी) लगाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य घरेलू स्टील उद्योग को संरक्षण देना है, जो लगातार सस्ते आयात के चलते दबाव में है।


📉 क्यों लिया गया ये निर्णय?

  • वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत ने लगभग 9.5 मिलियन मीट्रिक टन तैयार स्टील आयात किया — जो पिछले नौ वर्षों में सबसे अधिक है।
  • इस आयात का 78% हिस्सा चीन, दक्षिण कोरिया और जापान से आया।
  • सस्ते आयात के कारण घरेलू स्टील मिलें घाटे में जा रही थीं, जिससे उत्पादन में कटौती और नौकरी में छंटनी की नौबत आ गई थी।

🏛️ प्रक्रिया और जांच

  • वाणिज्य मंत्रालय के अधीन व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) ने दिसंबर 2024 में जांच शुरू की थी।
  • जांच के आधार पर 200 दिनों के लिए 12% का अस्थायी शुल्क लगाने की सिफारिश की गई है।
  • यह शुल्क हॉट-रोल्ड कॉइल्स, शीट्स, प्लेट्स, कोल्ड-रोल्ड कॉइल्स और मेटैलिक-कोटेड स्टील उत्पादों पर लागू होगा, विशेषकर चीन और वियतनाम से आयात होने वाले माल पर।

🏭 उद्योग की प्रतिक्रिया

  • JSW स्टील, टाटा स्टील और सेल (SAIL) जैसी बड़ी कंपनियों ने इस कदम का समर्थन किया है।
  • इनका मानना है कि यह निर्णय घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देगा और अस्थिर कीमतों से बचाव करेगा।

🌐 अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण

  • भारत का यह कदम वैश्विक परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है, क्योंकि अमेरिका और यूरोपीय देश भी सस्ते स्टील आयात पर टैरिफ लगा चुके हैं।
  • इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार संतुलन बनाए रखने और घरेलू उद्योग को मजबूती देने की कोशिश हो रही है।

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