नई दिल्ली, 21 अप्रैल 2025 — दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार को यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा, जब लगभग 60% आगमन और 76% प्रस्थान उड़ानें देरी से चलीं। इस स्थिति के पीछे एक रनवे के उन्नयन कार्य और प्रतिकूल हवाओं की भूमिका रही।


🛫 उड़ानों में देरी और यात्रियों की नाराजगी

फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइटों के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को लगभग 400 आगमन और 500 प्रस्थान उड़ानें प्रभावित हुईं। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी ज़ाहिर की, जिनमें से एक प्रमुख आवाज जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला की थी। उन्होंने ट्विटर पर एयरपोर्ट की स्थिति को “शर्मनाक” करार दिया, जिससे यह मामला राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया।


🛠️ रनवे उन्नयन कार्य और उसका असर

दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने अप्रैल की शुरुआत में चार में से एक रनवे को बंद कर दिया था, ताकि कम दृश्यता की स्थिति में विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए ज़रूरी तकनीक को अपग्रेड किया जा सके। हालांकि, उड़ानों में लगातार देरी और यात्रियों की शिकायतों को देखते हुए, अब यह कार्य मई के पहले सप्ताह तक स्थगित कर दिया गया है।



🌬️ प्रतिकूल हवाएं बनी अतिरिक्त चुनौती

DIAL के अनुसार, पूर्वी दिशा से चल रही तेज़ हवाओं ने विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग को और अधिक जटिल बना दिया। अधिकारियों का कहना है कि इन परिस्थितियों की जानकारी पहले ही एयरलाइनों को दे दी गई थी, लेकिन शेड्यूल में कोई खास बदलाव नहीं किया गया, जिससे हालात बिगड़ते चले गए।


📈 यात्री संख्या में उछाल और दबाव

2024 में दिल्ली एयरपोर्ट ने लगभग 7.8 करोड़ यात्रियों को संभाला, जिससे यह दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में नौवें स्थान पर पहुंच गया। बढ़ती हवाई यातायात की मांग को देखते हुए केंद्र सरकार दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में द्वितीयक हवाई अड्डों की योजना पर काम कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसी अराजकता से बचा जा सके।


🗣️ निष्कर्ष

दिल्ली एयरपोर्ट पर हालिया अव्यवस्था ने यह दिखा दिया है कि बढ़ते यात्री दबाव को संभालने के लिए हमारे हवाई अड्डों को और अधिक सक्षम बुनियादी ढांचे और कुशल संचालन की आवश्यकता है। अधिकारियों के लिए यह एक चेतावनी है कि भविष्य में यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए योजनाओं को ज़मीन पर उतारा जाए — और वह भी समय रहते।

Leave a comment

Trending