April 20 , 2025 | New Delhi | Curated By the team of Boldvoices.in
हाल ही में, ऑस्ट्रेलिया के कुछ विश्वविद्यालयों ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, और जम्मू-कश्मीर से आने वाले भारतीय छात्रों के आवेदन स्वीकार करने पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया है। यह निर्णय बढ़ते वीज़ा धोखाधड़ी और छात्रों द्वारा अध्ययन वीज़ा का दुरुपयोग कर नौकरी प्राप्त करने की प्रवृत्ति के चलते लिया गया है।

📌 प्रमुख तथ्य:
- **प्रतिबंधित राज्य:**पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, और जम्मू-कश्मीर
- **प्रमुख विश्वविद्यालय:**फेडरेशन यूनिवर्सिटी, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी, विक्टोरिया यूनिवर्सिटी, एडिथ कोवान यूनिवर्सिटी, टॉरेन्स यूनिवर्सिटी, और साउदर्न क्रॉस यूनिवर्सिटी
- **कारण:**ऑस्ट्रेलियाई गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, भारत से एक चौथाई आवेदन “धोखाधड़ीपूर्ण” या “गैर-प्रामाणिक” पाए गए हैं इसके अलावा, इन राज्यों से आने वाले छात्रों में उच्च Drop Out दर और वीज़ा नियमों का उल्लंघन भी देखा गया है
🧾 सरकारी स्थिति:
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसने किसी विशेष क्षेत्र के छात्रों पर प्रतिबंध नहीं लगाया ह। यह निर्णय स्वतंत्र रूप से विश्वविद्यालयों द्वारा लिया गया है, जो अपने जोखिम मूल्यांकन के आधार पर ऐसे कदम उठा रहे है।
🎓 भारतीय छात्रों के लिए प्रभाव:
- *वीज़ा स्वीकृति दर में गिरावट: हाल के वर्षों में भारतीय छात्रों के वीज़ा स्वीकृति दर में गिरावट आई है, जो पहले लगभग 90% थी, अब लगभग 65% हो गई।
- *शैक्षणिक योजनाओं पर प्रभाव: इन प्रतिबंधों के कारण, प्रभावित राज्यों के छात्रों की ऑस्ट्रेलिया में अध्ययन की योजनाओं पर असर पड़ा
🔍 *निष्कर्ष:
यह प्रतिबंध ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों द्वारा वीज़ा धोखाधड़ी और अध्ययन वीज़ा के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया अस्थायी कदम है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज़ों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करें और विश्वविद्यालयों की नवीनतम नीतियों की जानकारी रखें।











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