April 20 , 2025 | New Delhi | Curated By the team of Boldvoices.in


तारीख: 20 अप्रैल 2025
स्थान: वेटिकन सिटी

ईस्टर संडे के अवसर पर पोप फ्रांसिस ने वेटिकन सिटी के सेंट पीटर्स स्क्वायर से अपने पारंपरिक “उरबी एट ओरबी” (Urbi et Orbi) संदेश के दौरान गाज़ा में जारी हिंसा को लेकर गहरी चिंता जताई और तत्काल संघर्षविराम की अपील की। यह अपील उन्होंने निमोनिया से उबरने के बाद अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति में की।


🕊️ पोप का संदेश: शांति की पुकार

पोप ने कहा:

“मैं सभी संघर्षरत पक्षों से अपील करता हूं: संघर्षविराम करें, बंधकों को रिहा करें और उन भूखे लोगों की सहायता करें जो शांति और भविष्य की आशा रखते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि यह युद्ध नहीं, बल्कि क्रूरता है – विशेषकर तब जब निर्दोष बच्चों और नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा हो। उन्होंने गाज़ा की भयावह मानवीय स्थिति, भूख, विस्थापन और असुरक्षा की स्थिति को समाप्त करने के लिए वैश्विक समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की।


🏥 स्वास्थ्य के बावजूद मानवीय संदेश

हाल ही में डबल निमोनिया से ग्रसित होने के बाद पोप ने भले ही पारंपरिक ईस्टर मास का नेतृत्व नहीं किया, लेकिन उन्होंने सेंट पीटर्स बेसिलिका की बालकनी से जनसमूह का अभिवादन किया। उनका संदेश एक सहायक ने पढ़कर सुनाया। इस मौके पर उन्होंने अमेरिका के उपराष्ट्रपति से भी संक्षिप्त मुलाकात की।


🌍 अन्य संघर्षों पर भी चिंता

गाज़ा के अलावा, पोप ने यूक्रेन, सीरिया, दक्षिण सूडान और कांगो जैसे अन्य संघर्षग्रस्त क्षेत्रों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि युद्ध कभी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता और पीड़ा को बढ़ाता है। उन्होंने सभी धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक नेताओं से सहयोग और शांति की दिशा में काम करने का आग्रह किया।


📌 निष्कर्ष

पोप फ्रांसिस का यह बयान वैश्विक मानवता के लिए एक मजबूत नैतिक आह्वान है। जब दुनिया कई संघर्षों और राजनीतिक तनावों से गुजर रही है, तब उनका यह संदेश शांति, करुणा और एकजुटता का प्रतीक है।


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