
पेरिस, अप्रैल 2025 — अमेरिका के वरिष्ठ सीनेटर और विदेश मामलों की समिति के प्रमुख मार्को रुबियो ने शुक्रवार को एक अहम बयान देते हुए कहा कि अगर यूक्रेन और रूस के बीच शांति वार्ता में आने वाले दिनों में ठोस प्रगति नहीं होती है, तो अमेरिका इन प्रयासों से पीछे हट सकता है।
🗣️ क्या बोले मार्को रुबियो?
रुबियो ने कहा,
“अब हम उस मोड़ पर पहुंच चुके हैं जहाँ यह तय करना आवश्यक है कि शांति वार्ता वाकई संभव है या नहीं। अगर यह स्पष्ट हो जाए कि ऐसा नहीं है, तो हम आगे बढ़ जाएंगे। यह अमेरिका का युद्ध नहीं है। हमारे पास और भी प्राथमिकताएं हैं।”
उनके इस बयान से संकेत मिला कि अमेरिका यूक्रेन में अपनी भूमिका को सीमित कर सकता है अगर रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष को समाप्त करने की कोई ठोस दिशा नहीं निकलती।
⚠️ तनाव बढ़ा: रूस ने फिर किए मिसाइल हमले
इसी बीच रूस ने खार्किव और सुमी जैसे शहरों पर मिसाइल हमले फिर से तेज कर दिए हैं, जिससे दर्जनों नागरिकों की जान गई और कई घायल हुए हैं। यह घटनाक्रम शांति प्रक्रिया के भविष्य को और भी अनिश्चित बना रहा है।
🤝 अमेरिका-यूक्रेन के बीच खनिज समझौता
इन सबके बीच अमेरिका और यूक्रेन ने एक नए खनिज सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत अमेरिका को यूक्रेन के खनिज संसाधनों तक आंशिक पहुंच मिलेगी, और अमेरिका यूक्रेन के पुनर्निर्माण में निवेश भी करेगा।
🗓️ आगे क्या?
मार्को रुबियो ने बताया कि अगले सप्ताह लंदन में होने वाली एक अंतरराष्ट्रीय बैठक निर्णायक हो सकती है। इस बैठक में यह तय किया जाएगा कि अमेरिका शांति प्रक्रिया में अपनी भागीदारी जारी रखेगा या उससे हट जाएगा।
🔚 निष्कर्ष
- अमेरिका ने पहली बार सार्वजनिक रूप से यह संकेत दिया है कि वह यूक्रेन-रूस शांति वार्ता से हट सकता है।
- अमेरिका और यूक्रेन के बीच खनिज संसाधनों को लेकर नया समझौता हुआ है।
- रूस के मिसाइल हमलों से स्थिति और जटिल हो गई है।











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