सैक्रामेंटो / नई दिल्ली, अप्रैल 2025:
भारत के पंजाब राज्य में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वाला और खालिस्तानी आतंक नेटवर्क से जुड़ा कुख्यात आतंकी हरप्रीत सिंह अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के सैक्रामेंटो शहर में FBI और ICE की Enforcement and Removal Operations (ERO) टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी भारत और अमेरिका के बीच आतंकवाद के खिलाफ बढ़ते सहयोग की एक बड़ी मिसाल मानी जा रही है।

खालिस्तानी लिंक और राष्ट्रविरोधी गतिविधियाँ
हरप्रीत सिंह को दो अंतरराष्ट्रीय खालिस्तानी आतंकी संगठनों से जुड़ा माना जा रहा है:
- उसका संबंध “सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ)” और एक अन्य विदेश-आधारित खालिस्तानी समूह बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से था।
- वह पंजाब में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने, हिंसा फैलाने और भारत के खिलाफ नफरत फैलाने के एजेंडे पर काम कर रहा था।
- भारत में उसके खिलाफ राष्ट्रद्रोह, हथियारों की तस्करी, धार्मिक उकसावे और आतंकी फंडिंग के कई मामले दर्ज हैं।
उसने सोशल मीडिया और एनक्रिप्टेड ऐप्स के माध्यम से खालिस्तान समर्थक प्रचार को हवा दी और विदेश में बैठकर भारत विरोधी गतिविधियाँ संचालित कीं।
कैसे करता था संचालन
हरप्रीत सिंह अमेरिका में अवैध तरीके से प्रवेश कर वहां से अपने नेटवर्क का संचालन कर रहा था:
- बर्नर फोन और नकली पहचान के माध्यम से वह लगातार अपनी लोकेशन छुपाता रहा।
- डार्क वेब और एनक्रिप्टेड चैट ऐप्स का उपयोग कर खालिस्तानी समर्थकों से संवाद करता था।
- भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग और हथियार भेजने की रणनीतियाँ बनाता था।
भारत और अमेरिका का संयुक्त प्रयास
हरप्रीत सिंह की पहचान और गिरफ्तारी भारत की एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और RAW द्वारा जुटाई गई गुप्त सूचनाओं के आधार पर संभव हो सकी। भारत की ओर से अमेरिका को समय पर सूचनाएँ दी गईं, जिसके बाद अमेरिका की FBI और ERO ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

आगे की रणनीति
- भारत सरकार अब हरप्रीत सिंह के प्रत्यर्पण (Extradition) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।
- भारत में उस पर UAPA (गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला चलाया जाएगा।
- एजेंसियाँ यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसके खालिस्तानी नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है और उसकी पहुंच किन देशों तक है।

हरप्रीत सिंह की गिरफ्तारी न केवल भारत की आतंकी विरोधी रणनीति की सफलता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि खालिस्तानी उग्रवाद अब केवल एक घरेलू समस्या नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौती बन चुका है। इस गिरफ्तारी से यह संदेश स्पष्ट है कि भारत की संप्रभुता और शांति भंग करने वालों को दुनिया के किसी भी कोने में छिपकर बचा नहीं जा सकता।
April 18 , 2025 | New Delhi | By the team of Boldvoices.in











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