April 18 , 2025 | New Delhi | By the team of Boldvoices.in
उत्तराखंड सरकार द्वारा चलाए जा रहे ₹424 करोड़ के बद्रीनाथ मास्टर प्लान के तहत, बद्रीनाथ धाम को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और आध्यात्मिक नगर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना में बद्रिश कुंड और उसके आस-पास के पथवे का विकास एक महत्वपूर्ण घटक है।

🛤️ बद्रिश कुंड और पथवे निर्माण कार्य
- बद्रिश कुंड: यह पवित्र जलाशय बद्रीनाथ धाम का ऐतिहासिक और धार्मिक केंद्र है। इसके चारों ओर सौंदर्यीकरण कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है, जिसमें कुंड के किनारों को मजबूत किया जा रहा है, लैंडस्केपिंग की जा रही है और श्रद्धालुओं के बैठने हेतु सुंदर स्थान बनाए जा रहे हैं।
- आस्था पथ एवं नई सड़कें: बद्रीनाथ मंदिर तक पहुँचने वाले रास्तों का चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण किया जा रहा है।
- 100 मीटर लंबा नया आस्था पथ तैयार हो रहा है जो अलकनंदा नदी के किनारे से होकर जाता है।
- बमणी गांव से मंदिर तक 300 मीटर की नई सड़क भी तैयार की जा रही है।

🏗️ अन्य विकासात्मक कार्य
- बद्रिश वन: मंदिर के पास एक नया हरित क्षेत्र विकसित किया जा रहा है जिसे ‘बद्रिश वन’ कहा जा रहा है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक वातावरण को संरक्षित करना और श्रद्धालुओं को शांति का अनुभव कराना है।
- पार्किंग सुविधा: मंदिर के पास एक सुव्यवस्थित नया पार्किंग स्थल बनाया जा रहा है, जिससे यात्रियों को सुविधा हो और यातायात व्यवस्था सुचारू रहे।
- नदी तट विकास: अलकनंदा नदी के किनारे पर घाटों और तटों का पुनर्निर्माण हो रहा है, जिनमें सुरक्षा रेलिंग, बैठने की व्यवस्था, और रात्रि में रौशनी की सुविधा शामिल होगी।

🧹 पर्यावरणीय और सामाजिक पहल
- स्वच्छता अभियान: परियोजना के अंतर्गत तैनात की गई 45 पर्यावरण स्वयंसेवकों की टीम नियमित रूप से क्षेत्र की सफाई और हरित क्षेत्र को सहेजने में लगी हुई है।
- अवैध और अस्थायी ढाँचों को हटाना: मंदिर के आस-पास की अनधिकृत दुकानों और अस्थायी ढाँचों को हटाया जा रहा है ताकि खुले, साफ-सुथरे और अनुशासित परिसर की स्थापना हो सके।

🛕 धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा
परियोजना के सभी कार्यों में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बद्रीनाथ धाम की पौराणिकता और धार्मिक गरिमा बनी रहे। आध्यात्मिक माहौल को संरक्षित रखते हुए तकनीकी और भौतिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
🔚 निष्कर्ष
बद्रीनाथ धाम पुनर्विकास परियोजना न केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड है, बल्कि यह धार्मिक आस्था, पर्यावरण संरक्षण और यात्रियों के अनुभव को समर्पित एक संपूर्ण पहल है। आने वाले वर्षों में बद्रीनाथ धाम भारत के सबसे सुव्यवस्थित और दिव्य तीर्थ स्थलों में गिना जाएगा।











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