
सूडान के भारत में राजदूत मोहम्मद अब्दुल्ला अली एलटोम ने हाल ही में दिए एक साक्षात्कार में कहा कि जब उनका देश गंभीर मानवीय और राजनीतिक संकट से जूझ रहा था, तब भारत ने न केवल आवाज़ उठाई, बल्कि वास्तविक मदद भी भेजी। उन्होंने इस सहयोग के लिए भारत का विशेष रूप से आभार जताया।
🤝 भारत-सूडान के ऐतिहासिक संबंध
राजदूत एलटोम ने कहा कि भारत और सूडान के बीच दीर्घकालिक और ऐतिहासिक संबंध हैं। दोनों देशों ने वर्षों से आपसी सहयोग को मजबूत किया है — खासकर स्वतंत्रता आंदोलन, शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में। भारत हमेशा से सूडान के लिए एक भरोसेमंद साझेदार रहा है।
💊 भारत: सूडान के लिए जीवनरक्षक दवाइयों का स्त्रोत
एलटोम के अनुसार, भारत सूडान का सबसे बड़ा दवा आपूर्तिकर्ता है। भारतीय दवाइयाँ उच्च गुणवत्ता की होने के साथ-साथ किफायती भी हैं। भारत से मिलने वाली जीवनरक्षक दवाइयों ने संकट के समय सूडान की जनता के लिए बहुत बड़ी राहत प्रदान की।
✈️ संकट के समय भारत की मानवीय सहायता
जब सूडान में आंतरिक संघर्ष और नागरिक संकट गहराया, तब भारत ने वहां मानवीय सहायता भेजी, जिसमें दवाएं, खाद्य सामग्री और प्राथमिक चिकित्सा उपकरण शामिल थे। यह सहायता सूडान की जनता के लिए उस समय संजीवनी बनी।
📚 शिक्षा और तकनीकी सहयोग
राजदूत ने यह भी बताया कि बड़ी संख्या में सूडानी छात्र भारत की उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा, भारत की तकनीकी सहायता और आईटी प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने भी सूडानी युवाओं को लाभ पहुंचाया है।
🔚 निष्कर्ष
राजदूत एलटोम ने भारत के साथ संबंधों को “भरोसे और मित्रता पर आधारित” बताया। उन्होंने कहा कि सूडान भविष्य में भारत के साथ व्यापार, तकनीकी सहयोग और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में और भी गहरे संबंध बनाना चाहता है। भारत द्वारा संकट के समय दिखाई गई संवेदनशीलता और सहयोग, इन रिश्तों की नींव को और मजबूत करता है।
April 17 , 2025 | New Delhi | By the team of Boldvoices.in











Leave a comment