नई दिल्ली | 16 अप्रैल 2025 — महंगाई से जूझ रहे मजदूरों को राहत देने के लिए दिल्ली सरकार ने सभी श्रेणी के श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह संशोधन 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा और इसका लाभ हज़ारों श्रमिकों को मिलेगा जो राजधानी में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं।


🔹 नया वेतन ढांचा इस प्रकार है:

  • अकुशल (Unskilled) श्रमिक: ₹18,456 प्रति माह (पहले ₹18,066)
  • अर्ध-कुशल (Semi-skilled) श्रमिक: ₹20,371 प्रति माह (पहले ₹19,929)
  • कुशल (Skilled) श्रमिक: ₹22,411 प्रति माह (पहले ₹21,917)
  • स्नातक और उससे ऊपर: ₹24,356 प्रति माह (पहले ₹23,836)

सरकार का बयान

सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी महंगाई की मार से निपटने और श्रमिकों की क्रय शक्ति बनाए रखने के लिए की गई है। एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा:

“इस वेतन वृद्धि से महंगाई के प्रभाव को संतुलित करने में मदद मिलेगी और हज़ारों श्रमिकों को आर्थिक राहत मिलेगी।”


विशेषज्ञ की राय

श्रमिक संगठनों और अर्थशास्त्रियों ने इस कदम का स्वागत किया है। डॉ. ऋचा मल्होत्रा, भारतीय सार्वजनिक नीति संस्थान की श्रम अर्थशास्त्री ने कहा:

“शहरी जीवन की बढ़ती लागत के बीच यह एक समयानुकूल और सकारात्मक पहल है। यह सुनिश्चित करता है कि रोजगार में होने के बावजूद कोई भी श्रमिक गरीबी रेखा के नीचे न रहे।”


नियमों का पालन अनिवार्य

सभी नियोक्ताओं को नए वेतन दरों को तत्काल लागू करना होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो कंपनियाँ इस नियम का उल्लंघन करेंगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी श्रमिक को तय वेतन से कम भुगतान किया जा रहा है, तो वह न्यूनतम वेतन अधिनियम के अंतर्गत शिकायत दर्ज कर सकता है।


यह वेतन वृद्धि दिल्ली सरकार की सामाजिक सुरक्षा और न्यायपूर्ण रोजगार की दिशा में एक ठोस पहल है, जो मजदूर वर्ग को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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