
गर्मियों में अक्सर लोग राहत पाने के लिए शरबत या ठंडे पेयों का सेवन करते हैं, और रूह अफ़ज़ा लंबे समय से भारतीय घरों में एक लोकप्रिय विकल्प रहा है। इसकी मीठी खुशबू और गुलाबी रंग कई लोगों को आकर्षित करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह स्वास्थ्य के लिए कितना सुरक्षित है?
इस लेख में हम बताएंगे कि रूह अफ़ज़ा क्यों सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है और इसे क्यों सीमित या पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए।
🧪 1. अत्यधिक चीनी की मात्रा
- रूह अफ़ज़ा में बहुत अधिक मात्रा में रिफाइंड शुगर (परिष्कृत चीनी) होती है।
- एक गिलास रूह अफ़ज़ा शरबत में लगभग 5-6 चम्मच चीनी होती है, जो डायबिटीज़, मोटापा, और दिल की बीमारियों का कारण बन सकती है।
⚠️ 2. कृत्रिम रंग और फ्लेवर
- रूह अफ़ज़ा में कई प्रकार के कृत्रिम रंग (Synthetic Colors) और स्वाद मिलाए जाते हैं।
- ये FD&C Red No. 40 जैसे रंग बच्चों के व्यवहार, एलर्जी, और त्वचा की समस्याओं से जुड़े हुए हैं।
🧴 3. रसायन और संरक्षक (Preservatives)
- रूह अफ़ज़ा को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए सोडियम बेंजोएट जैसे रसायन मिलाए जाते हैं।
- लम्बे समय तक इनका सेवन करने से लीवर पर असर, हॉर्मोनल असंतुलन, और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
🧬 4. कैलोरीज़ में भरपूर, पोषण में शून्य
- इसमें न तो कोई फाइबर है, न विटामिन, न मिनरल्स।
- यानी सिर्फ खाली कैलोरीज़ जो शरीर में वसा के रूप में जमा होती हैं।
❗ 5. गर्मियों में डिहाइड्रेशन का कारण
- रूह अफ़ज़ा को लोग अक्सर पानी का विकल्प मानकर पीते हैं, लेकिन यह वास्तव में शरीर में डिहाइड्रेशन (जल की कमी) बढ़ा सकता है क्योंकि इसमें उच्च मात्रा में चीनी और रसायन होते हैं।
🚫 6. दूध के साथ मिलाना – ख़तरनाक संयोजन
- रूह अफ़ज़ा को दूध के साथ मिलाना आम बात है, लेकिन दूध में मौजूद प्रोटीन और रूह अफ़ज़ा के रसायनों के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया से गैस्ट्रिक समस्याएं या एलर्जी हो सकती हैं।
💡 स्वस्थ विकल्प क्या हैं?
- घर पर बनाए गए नींबू पानी, पुदीना जलजीरा, या फलों का प्राकृतिक रस कहीं अधिक स्वास्थ्यवर्धक और सुरक्षित विकल्प हैं।
📌 निष्कर्ष
रूह अफ़ज़ा भले ही पारंपरिक और लोकप्रिय पेय हो, लेकिन आधुनिक स्वास्थ्य मानकों के अनुसार यह सुरक्षित नहीं है। अत्यधिक चीनी, रसायन, रंग और पोषण की कमी इसे एक “छुपा हुआ खतरा” बनाते हैं। ऐसे में, समय आ गया है कि हम पारंपरिक आदतों को पुनः जांचें और सेहत को प्राथमिकता दें।
“स्वास्थ्य से समझौता न करें – मीठा दिखने वाला हर पेय लाभकारी नहीं होता।”
April 15, 2025 | New Delhi | Curated By the team at Boldvoices.in
Disclaimer : इस लेख का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। इसमें व्यक्त किए गए विचार किसी ब्रांड, उत्पाद, या संस्था के प्रति द्वेष फैलाने के लिए नहीं हैं। लेख में दी गई जानकारियाँ विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों और स्वास्थ्य संबंधी अध्ययनों पर आधारित हैं।
किसी भी पेय या खाद्य पदार्थ को सेवन करने या बंद करने से पहले अपने चिकित्सक या पोषण विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है, और किसी भी निर्णय को स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह के बिना न लें।
लेखक और प्रकाशक किसी भी प्रकार की हानि या गलतफहमी के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।












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