April 15, 2025 | New Delhi | Curated by KSR, Editor at Boldvoices.in
भारत ने मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में iPhone का उत्पादन $22 अरब (लगभग ₹1.83 लाख करोड़) तक पहुंच गया है, और अब दुनिया भर में बेचे जा रहे हर पाँच में से एक iPhone भारत में बना हुआ है।
📈 मुख्य आँकड़े और तथ्य
- iPhone उत्पादन FY25 में: $22 अरब
- भारत में बने iPhones की वैश्विक हिस्सेदारी: 20%
- निर्यात मूल्य: $12 अरब (₹1 लाख करोड़ से अधिक)
- बिक्री के लिए भारत में बनाए गए iPhones का हिस्सा: 25%
🏭 कौन कर रहा है निर्माण?
भारत में Apple के तीन प्रमुख कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर हैं:
- Foxconn (तमिलनाडु)
- Wistron (अब Tata के स्वामित्व में) – कर्नाटक
- Pegatron – तमिलनाडु
इन फैक्ट्रियों ने मिलकर भारत को वैश्विक iPhone मैन्युफैक्चरिंग का एक हब बना दिया है।
🌐 वैश्विक रणनीति में भारत की भूमिका
- चीन पर निर्भरता में कमी: Apple अब चीन पर से अपनी निर्भरता कम करना चाहता है।
- ‘China Plus One’ रणनीति: भारत इसका मुख्य लाभार्थी बन रहा है।
- वैकल्पिक आपूर्ति श्रृंखला केंद्र: भारत को सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन के एक मजबूत विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
💼 नौकरी और निवेश में बढ़ोतरी
- हजारों नई नौकरियाँ मोबाइल निर्माण क्षेत्र में सृजित हुई हैं।
- तेज़ी से बढ़ता निवेश – कई नए प्लांट्स और विस्तार योजनाएँ तैयार हैं।
- सरकारी योजनाओं जैसे PLI (Production Linked Incentive) का बड़ा योगदान।
🧭 भारत के लिए क्या मायने रखता है ये बदलाव?
- आर्थिक विकास: उच्च तकनीकी निर्माण से भारत की GDP और निर्यात में बढ़ोतरी।
- मेक इन इंडिया को बल: iPhone जैसे हाई-एंड प्रोडक्ट का भारत में निर्माण एक बड़ी ब्रांड वैल्यू लाता है।
- विश्वसनीयता और प्रतिस्पर्धा: भारत अब केवल एक बाज़ार नहीं, एक विश्वसनीय मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन है।
भारत अब केवल iPhone खरीदने वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया को iPhone देने वाला देश बन चुका है। $22 अरब के उत्पादन और 20% वैश्विक हिस्सेदारी के साथ, यह न केवल भारत के लिए एक आर्थिक उपलब्धि है, बल्कि एक ग्लोबल टेक्नोलॉजिकल पहचान भी है।













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