उत्तर प्रदेश की सियासत में उस वक्त उबाल आ गया जब समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ. रामजीलाल सुमन ने राणा सांगा को लेकर विवादास्पद टिप्पणी कर दी। उनके बयान के बाद करणी सेना और क्षत्रिय समाज में गहरा आक्रोश फैल गया है।
करणी सेना ने साफ शब्दों में कहा है कि अब सुमन की माफी भी मंजूर नहीं की जाएगी और जहां भी वे नजर आएंगे, वहीं पर ‘जवाब’ दिया जाएगा।
🗣️ क्या कहा था डॉ. सुमन ने?
21 मार्च 2025 को राज्यसभा में बोलते हुए डॉ. सुमन ने कहा था कि राणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को भारत बुलाया था।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “अगर मुसलमानों को बाबर का वंशज कहा जाता है, तो क्या राजपूत राणा सांगा जैसे गद्दारों की संतान हैं?”
इस बयान से करणी सेना और राजपूत संगठनों में जबरदस्त गुस्सा भड़क गया।
🔥 आगरा में शक्ति प्रदर्शन
12 अप्रैल को आगरा में करणी सेना ने ‘रक्त स्वाभिमान सम्मेलन’ का आयोजन किया, जिसमें भारी संख्या में लोग तलवारों और लाठियों के साथ शामिल हुए।
मंच से सुमन के खिलाफ तीखे भाषण दिए गए और चेतावनी दी गई: “अब कोई माफी नहीं, सज़ा तय है।”
🏠 सुरक्षा घेरे में सुमन का आवास
विवाद बढ़ता देख आगरा स्थित सुमन के घर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।
सुबह से शाम तक पुलिस बल तैनात रहा और सपा कार्यकर्ताओं ने भी मोर्चा संभाल लिया।
डॉ. सुमन ने कहा कि उन्हें पहले भी धमकियां मिल चुकी हैं और अब उनकी जान को गंभीर खतरा है।
📢 सुमन की सफाई
डॉ. सुमन ने सफाई दी कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला दिया था, किसी समाज का अपमान नहीं किया।
सपा और दलित संगठनों का दावा है कि यह विवाद जानबूझकर राजनीतिक फायदे के लिए खड़ा किया जा रहा है।
⚖️ प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद रहा, लेकिन करणी सेना के खुले प्रदर्शन को रोकने के लिए कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
अब तक किसी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं है।
🔚 नतीजा
यह विवाद न सिर्फ राज्य की राजनीति को गर्मा रहा है, बल्कि जातीय तनाव को भी हवा दे रहा है।
अब देखना होगा कि प्रशासन और राजनीतिक दल इस स्थिति को कैसे संभालते हैं।

Curated by KSR, Editor at http://www.boldvoices.in











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