प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी से जुड़ी लगभग ₹700 करोड़ की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
🔍 मामला क्या है?
यह मामला एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) और यंग इंडियन लिमिटेड (YIL) के बीच वित्तीय लेन-देन से जुड़ा हुआ है।
ईडी के अनुसार, यंग इंडियन, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी की प्रमुख हिस्सेदारी है, ने AJL की ₹2,000 करोड़ की संपत्तियों को मात्र ₹50 लाख में अधिग्रहित किया।
एजेंसी का आरोप है कि इस अधिग्रहण के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की गई और अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की गई।
🏢 कौन-कौन सी संपत्तियाँ जब्त होंगी?
ईडी ने दिल्ली, मुंबई और लखनऊ में स्थित AJL की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इनमें दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग पर स्थित ‘हेराल्ड हाउस’ भी शामिल है।
एजेंसी ने इन संपत्तियों में स्थित कार्यालयों को नोटिस जारी कर दिया है, जिसमें कहा गया है कि अब किराया ईडी के पास जमा किया जाए।
⚖️ कानूनी प्रक्रिया
नवंबर 2023 में ईडी ने इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया था।
10 अप्रैल 2025 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) की धारा 8 के तहत संपत्तियों की अस्थायी जब्ती को स्थायी जब्ती में बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
🧾 आरोपों का सारांश
- फर्जी दान के माध्यम से ₹18 करोड़ की राशि प्राप्त की गई।
- फर्जी अग्रिम किराये के रूप में ₹38 करोड़ की राशि ली गई।
- फर्जी विज्ञापनों के माध्यम से ₹29 करोड़ की राशि अर्जित की गई।
ईडी का दावा है कि इन गतिविधियों के माध्यम से यंग इंडियन लिमिटेड को अवैध रूप से आर्थिक लाभ पहुंचाया गया।
🧑⚖️ पृष्ठभूमि
यह मामला 2014 में भाजपा नेता डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर याचिका के बाद सामने आया।
उन्होंने आरोप लगाया था कि गांधी परिवार ने यंग इंडियन के माध्यम से AJL की संपत्तियों को धोखाधड़ी से अधिग्रहित किया।
ईडी ने 2021 में इस मामले में औपचारिक जांच शुरू की थी।
📌 निष्कर्ष
ईडी की इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना है।
यह मामला अब केवल कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण से भी बेहद संवेदनशील बन गया है।
आने वाले दिनों में इस पर देश की निगाह टिकी रहेगी।
Curated by KSR, Editor at http://www.boldvoices.in














Leave a comment