📅 हनुमान जयंती क्या है?

हनुमान जयंती भगवान हनुमान के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व चैत्र मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो आमतौर पर मार्च-अप्रैल के बीच आता है। यह दिन भारत सहित कई देशों में श्रद्धा, भक्ति और शक्ति का प्रतीक बन चुका है।


📖 भगवान हनुमान का परिचय

भगवान हनुमान को हिन्दू धर्म में श्रीराम के परम भक्त के रूप में जाना जाता है। वे:

  • पवन पुत्र हैं, यानी वायु देव के पुत्र
  • अद्भुत शक्ति, ज्ञान और भक्ति के प्रतीक
  • रामायण के प्रमुख पात्र, जिनकी भूमिका श्रीराम की सेवा में समर्पित रही
  • अमरत्व का वरदान प्राप्त वीर

🔱 हनुमान जयंती का धार्मिक महत्व

  1. भक्तों के लिए प्रेरणा:
    हनुमान जी की अटूट भक्ति, निस्वार्थ सेवा और बलिदान हमें निष्ठा और समर्पण की प्रेरणा देते हैं।
  2. रोग और भय का नाश:
    ऐसा माना जाता है कि इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से रोग, भय, शत्रु और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
  3. संकटमोचक की कृपा:
    वे “संकटमोचन” हैं — जो भक्तों के सभी संकटों को दूर करते हैं।

🕉️ हनुमान जयंती की पूजा विधि

  1. स्नान और व्रत:
    प्रातः काल स्नान करके व्रत रखें। लाल वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है।
  2. हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ:
    इस दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, और राम नाम का जप करना अत्यंत फलदायक होता है।
  3. लड्डू और चोला चढ़ाना:
    हनुमान जी को लाल चोला, केसरिया सिंदूर, और लड्डू का भोग विशेष प्रिय है।
  4. हवन और आरती:
    विशेष हवन का आयोजन कर के शांति, शक्ति और समृद्धि की कामना की जाती है।

🌍 भारत भर में हनुमान जयंती की झलकियाँ

  • वाराणसी, अयोध्या, उज्जैन और हनुमानगढ़ी (अयोध्या) जैसे स्थानों पर विशेष उत्सव और भव्य झांकियाँ निकलती हैं।
  • मंदिरों में सुबह से रात तक भजन-कीर्तन, प्रसाद वितरण, और भक्तों की भीड़ उमड़ती है।
  • कुछ स्थानों पर दंगल, कुश्ती और रामलीला का आयोजन भी होता है।

🧠 हनुमान जी से सीखने योग्य बातें

गुणविवरण
भक्तिभगवान श्रीराम के प्रति अटूट विश्वास
शक्तिअसंभव को संभव करने की शक्ति
विनम्रताबलशाली होने के बावजूद अहंकार नहीं
सेवास्वार्थरहित सेवा का आदर्श

🙌 नवयुवकों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा

हनुमान जी को ज्ञान का देवता भी माना जाता है। विद्यार्थी और युवा वर्ग यदि नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें तो उन्हें:

  • मन की एकाग्रता
  • निडरता और आत्मविश्वास
  • लक्ष्य की प्राप्ति में मदद मिलती है।

🔚 निष्कर्ष

हनुमान जयंती केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि नैतिकता, शक्ति और भक्ति का उत्सव है। यह दिन हमें यह सिखाता है कि सच्ची श्रद्धा, आत्मबल और सेवा भाव से हर संकट को पार किया जा सकता है।

जय बजरंगबली! 🙏


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