डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख, गुरमीत राम रहीम सिंह, जो दुष्कर्म और हत्या के मामलों में दोषी ठहराए गए हैं, को 2017 में 20 वर्षों की सजा सुनाई गई थी। तब से, उन्हें कई बार पैरोल और फरलो दी गई है, जिससे न्याय प्रणाली और सरकारी निर्णयों पर सवाल उठे हैं।

पैरोल और फरलो का विस्तृत इतिहास:

  • फरवरी 2022: हरियाणा सरकार ने गुरमीत राम रहीम को 21 दिनों की फरलो दी, जिसके दौरान उन्हें गुरुग्राम में अपने परिवार के साथ रहने की अनुमति दी गई। यह फरलो पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले दी गई थी, जिससे राजनीतिक चर्चाएं हुईं।
  • जून 2022: उन्हें 30 दिनों की पैरोल दी गई, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बरनावा में स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम में समय बिताया। इस पैरोल के दौरान, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने सरकार के इस निर्णय पर आपत्ति जताई।
  • अक्टूबर 2022: आदमपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले, गुरमीत राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल दी गई। इस दौरान, उन्होंने बरनावा आश्रम में समय बिताया।
  • जनवरी 2023: उन्हें फिर से 40 दिनों की पैरोल दी गई, जिसके तहत उन्होंने बरनावा आश्रम में समय बिताया। यह पैरोल हरियाणा पंचायत चुनावों और आदमपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले दी गई थी।
  • जुलाई 2023: हरियाणा सरकार ने उन्हें 30 दिनों की पैरोल दी, जो 17 महीनों में पांचवीं बार थी। इस पैरोल के दौरान, उन्हें उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के शाह सतनाम जी आश्रम में रहने की अनुमति दी गई।
  • अगस्त 2024: गुरमीत राम रहीम को 21 दिनों की फरलो दी गई, जिसमें उन्होंने बरनावा आश्रम में समय बिताया। यह फरलो पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा SGPC की याचिका के निपटारे के बाद दी गई थी।
  • सितंबर 2024: हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले, उन्हें पैरोल दी गई, जिसमें उन्हें हरियाणा में प्रवेश करने और किसी भी चुनावी गतिविधि में भाग लेने से मना किया गया था।
  • अप्रैल 2025: हरियाणा सरकार ने उन्हें 21 दिनों की फरलो दी, जिसके दौरान उन्होंने सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में समय बिताया।

चिंताएं और विवाद:

गुरमीत राम रहीम को बार-बार दी जाने वाली पैरोल और फरलो अक्सर चुनावों के समय के आसपास होती हैं, जिससे राजनीतिक प्रभाव और वोट बैंक की राजनीति के आरोप लगते हैं। आलोचकों का मानना है कि यह न्याय प्रणाली की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है और कानून की समानता के सिद्धांत के खिलाफ है।

Leave a comment

Trending