Curated by Sehajta Kaur, New Delhi
चीन का बड़ा दावा: वैश्विक व्यापार का 38% हिस्सा डिजिटल युआन से हो रहा निपटान
क्या है मामला?
चीन के केंद्रीय बैंक “पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना” (PBOC) के गवर्नर यी गैंग ने हाल ही में एक वैश्विक वित्तीय सम्मेलन में कहा कि डिजिटल युआन (RMB) निपटान प्रणाली में अब दुनिया के कुल व्यापार का 38% शामिल हो चुका है।
यह बयान वैश्विक वित्तीय हलकों में एक बड़ी चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि यह चीन की डिजिटल मुद्रा को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अमेरिकी डॉलर के विकल्प के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
डिजिटल युआन (Digital RMB) क्या है?
डिजिटल युआन, जिसे आधिकारिक रूप से ई-सीएनवाई (e-CNY) कहा जाता है, चीन की केंद्रीय बैंक द्वारा जारी की गई डिजिटल करेंसी है। यह क्रिप्टोकरेंसी नहीं है, बल्कि यह एक Central Bank Digital Currency (CBDC) है, जिसे सरकार नियंत्रित करती है।
- यह नकद मुद्रा का डिजिटल संस्करण है
- इसका उपयोग मोबाइल ऐप्स के जरिए किया जा सकता है
- यह व्यापार, खरीदारी और सरकारी भुगतानों में इस्तेमाल हो रही है
PBOC गवर्नर यी गैंग के मुख्य बिंदु
गवर्नर यी गैंग ने सम्मेलन में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातें कहीं:
- डिजिटल RMB प्रणाली का उपयोग अब 38% वैश्विक व्यापार लेन-देन में हो रहा है।
- यह प्रणाली अधिक तेजी, सुरक्षा और पारदर्शिता प्रदान करती है।
- दुनिया भर के कई वित्तीय संस्थान अब इस प्रणाली से जुड़ रहे हैं।
- डिजिटल RMB अन्य देशों के साथ मल्टी-करेंसी निपटान (multi-currency settlement) की दिशा में भी कार्य कर रहा है।
चीन की रणनीति: डॉलर पर निर्भरता कम करना
चीन लंबे समय से अमेरिकी डॉलर के वर्चस्व को चुनौती देने के लिए कार्य कर रहा है। डिजिटल युआन के जरिए:
- द्विपक्षीय व्यापार समझौतों में डॉलर की जगह युआन को बढ़ावा मिल रहा है।
- ब्रिक्स देशों (ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) के बीच व्यापार में डिजिटल युआन को शामिल करने के प्रयास हो रहे हैं।
- रूस और ईरान जैसे देशों ने भी डॉलर की बजाय वैकल्पिक करेंसी या डिजिटल मुद्रा में व्यापार की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
डिजिटल युआन की वैश्विक पहुंच
अब तक चीन ने डिजिटल युआन का पायलट प्रोजेक्ट कई बड़े शहरों और क्षेत्रों में शुरू किया है। इसके अलावा:
- हांगकांग और मक्का (UAE) जैसे देशों के साथ सहयोग किया गया है।
- स्विफ्ट (SWIFT) की तरह चीन ने CIPS नाम की भुगतान प्रणाली भी विकसित की है, जिससे विदेशी भुगतान डिजिटल युआन में हो सकें।
विशेषज्ञों की राय
- कुछ विशेषज्ञ इसे वित्तीय नवाचार मानते हैं जो वैश्विक व्यापार के ढांचे को बदल सकता है।
- वहीं कुछ विश्लेषकों को इस पर संदेह है कि क्या यह वास्तव में डॉलर की जगह ले सकता है, क्योंकि दुनिया में डॉलर की जड़ें बहुत गहरी हैं।
निष्कर्ष
चीन का दावा कि उसकी डिजिटल युआन निपटान प्रणाली में वैश्विक व्यापार का 38% हिस्सा शामिल हो चुका है, यह दिखाता है कि दुनिया डिजिटल करेंसी को तेजी से अपना रही है।
अगर यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो आने वाले वर्षों में यह अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व को चुनौती दे सकती है और वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में बड़ा बदलाव ला सकती है।














Leave a comment