सप्तमी नवरात्र : माँ कालरात्रि

सप्तमी नवरात्र : माँ कालरात्रि

नवरात्र का सप्तमी दिन माँ कालरात्रि की आराधना का विशेष दिन होता है। माँ कालरात्रि, दुर्गा जी का एक अवतार हैं, जिन्हें तामसिक गुणों का नाशक माना जाता है। उनका स्वरूप काला है और वे रात के अंधकार को दूर करती हैं।

माँ कालरात्रि की पूजा विधि

  1. स्नान और शुद्धता: पूजा से पहले स्नान करके शुद्ध हो जाएं।
  2. पंडित का आह्वान: यदि संभव हो तो पंडित जी को बुलाएं और पूजा में उनकी मदद लें।
  3. मंत्र जाप: माँ कालरात्रि के मंत्रों का जाप करें। “ॐ क्लीं कालरात्रये नमः” जैसे मंत्र का जाप करें।
  4. आरती: माँ का ध्यान करते हुए आरती करें और भोग अर्पित करें।

महत्व

सप्तमी का दिन विशेष रूप से साधकों को नई शक्तियाँ और आत्मबल देने वाला होता है। माँ कालरात्रि की कृपा से सकारात्मकता की वृद्धि होती है और नकारात्मकता का नाश होता है।

इस दिन को मनाने के साथ-साथ, पूरे नवरात्रि के दिन उपवास रखने और स्त्रियों का सम्मान करने का संकल्प लें। माँ कालरात्रि की कृपा से सभी की मनोकामनाएँ पूर्ण हों।

Leave a comment

Trending